रेप केसों की जांच दो माह में निपटाना अनिवार्य करने की तैयारी में मोदी सरकार, सभी सीएम के पास आएगा पत्र 

जोधपुर (उत्तम हिन्दू न्यूज): केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि देशभर में त्वरित न्यायालयों की संख्या बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। प्रसाद ने आज यहां राजस्थान उच्च न्यायालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में सभी को विचार करना चाहिए। इस मामले में केंद्र सरकार पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि वह देश के सभी मुख्यमंत्रियों और हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर यह अपील करने वाले हैं कि रेप के मामलों की जांच महज दो महीने के अंदर पूरी होनी चाहिए।

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ंउन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों समेत रेप के सभी मामलों की जांच दो महीनों में पूरी होनी चाहिए। कानून मंत्री ने कहा कि इस संबंध में मैंने अपने विभाग को भी जरूरी दिशानिर्देश दे दिए हैं। यही नहीं देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग को लेकर भी उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने 1023 ऐसी अदालतों के गठन को मंजूरी दी है। 

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प्रसाद ने देशभर की प्रतिभाओं को न्यायिक क्षेत्र में समान अवसर मिलने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर न्यायिक अधिकारियों की भर्ती की आवश्यकता बताते हुए कहा कि समाज के सभी प्रतिभाशाली लोगों को न्यायपालिका में अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन में संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित करवाई जा सकती है। वकील कोटे से उच्चन्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त करने की जिम्मेदारी कॉलेजियम की है, लेकिन उन्हें ऐसे लोगों के बारे में भी सोचना होगा जिनके परिवार से पहले कोई वकील नहीं रहा। कई ऐसे प्रतिभाशाली लोग हैं जिनके माता-पिता ने तिनका-तिनका जोड़ कर उन्हें यहां तक पहुंचाया है।