पड़ोसी देश को एक और झटका देने की तैयारी में मोदी सरकार, चीन से आयातित आने वाले उत्पादों पर बढ़ेगी import duty 

08:04 PM Aug 08, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- चीन को विभिन्न आर्थिक मोर्चों पर पटखनी देने के बाद मोदी सरकार ने पड़ोसी देश को एक और झटका देने की तैयारी कर ली है। यह झटका भी आर्थिक क्षेत्र से जुड़ा है। इस बारे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि चीन से आने वाले कई तरह के सामान को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया गया है और अब कई चीजों पर आयात शुल्क (import duty) बढ़ाने की तैयारी है।


उन्होंने कहा कि तीन साल के निर्यात और आयात के आंकड़ों के आधार पर किये जा रहे एक अध्ययन के अनुसार पता चलता है कि चीन का 70 प्रतिशत निर्यात 10 क्षेत्रों से संबंधित है। इन क्षेत्रों में इलेक्ट्रिकल मशीन व उपकरण भी शामिल है, जो चीन के कुल निर्यात में 671 अरब डॉलर यानी 26.09 प्रतिशत का योगदान देता है। इसके अलावा कंप्यूटर समेत मशीनरी का निर्यात में 10.70 प्रतिशत यानी 417 अरब डॉलर का योगदान है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने आज सीआईआई के कार्यक्रम में कहा कि खासकर स्मॉल इंडस्ट्रीज में घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए भारत को उन सेक्टरों में आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार करना होगा जिनमें हमारी आयात पर अत्यधिक निर्भरता है।

गडकरी ने सीआईआई के कार्यक्रम में कहा, 'शायद आपको यह अच्छा नहीं लगे, लेकिन कुछ मामलों में हमें आयात शुल्क बढ़ाना ही होगा। जब तक हम चीन की तरह उत्पादन नहीं बढाएंगे तब तक हमारी लागत कम नहीं होगी। इसलिए हमें ड्यूटी बढ़ानी होगी और भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को बढ़ावा देना होगा। 

गडकरी ने उद्योग से आग्रह किया कि वे महानगरों और विकसित शहरों से परे ग्रामीण, दूर-दराज और आदिवासी क्षेत्रों में उद्यमों का एक नेटवर्क बिछाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि उन्हे इससे दुख होता है कि उद्योग निकायों का 90 प्रतिशत ध्यान बड़े शहरों और महानगरों में प्रमुख उद्योगों पर है। गडकरी (Industries Minister Nitin Gadkari) ने कहा कि सरकार छोटे उद्योगों को वित्त उपलब्ध कराने के लिए एक योजना पर काम कर रही है, इससे विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों को लाभ होगा। उन्होंने उद्योगों से अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने के लिए सलाह और सुझाव देने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार ने का पूरा सहयोग करेगी।