मिलावटखोरों की खैर नहीं, मोदी सरकार के नए कानून से सारी उम्र कटेगी जेल में 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज):  मिलावटी और नकली सामान बेचने वालों की खैर नहीं। अगर अब भी वो बाज नहीं आए तो समझ लीजिए उन्हें ऐसी सजा मिलेगी कि वो ताउम्र याद रखेंगे। दरअसल केंद्र सरकार संरक्षण अधिनियम 2019 कानून ला रही है। इसके तहत ये तय किया गया है कि अगर मिलावटी और नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता की मौत होती है तो कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना और उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 को संसद के दोनों सदनों से पास करा दिया है। इस बारे में उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि साल के अंत तक यह नियम प्रभावी हो जाएगा।


-पहले इस कानून के अनुसार उपभोक्ता जहां से सामान खरीदता था, वहीं शिकायत कर सकता था। अब यह व्यवस्था रहेगी कि कोई भी कहीं से भी अपने मोबाइल पर शिकायत कर सकता है।
- अब ऐसे मामलों में वकील की आवश्यकता नहीं होगी। उपभोक्ता खुद ही अपना केस देख सकता है।
- यदि जिला स्तर पर और राज्य स्तर पर उपभोक्ता के पक्ष में फ़ैसला हो गया हो तो राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी पार्टी को उसके खिलाफ जाने का अधिकार नहीं होगा।