मोदी सरकार की परिकल्पनाएं

अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने किसान, मजदूर और मध्यमवर्ग को राहत देते हुए भविष्य में भारत की दिशा और दशा का भी जिक्र किया है। केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने 10 सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयामों को सूचीबद्ध करते हुए अगले एक दशक में पूरा करने का लक्ष्य रखती है।

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जहां गरीबी, कुपोषण, गंदगी और निरक्षरता बीते समय की बातें होगी। उन्होंने कहा कि भारत एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी से संचालित, उच्च विकास के साथ एक समान और पारदर्शी समाज होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में पांच हजार करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था होने की ओर अग्रसर है और इसके बाद यह 10 हजार करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि इस परिकल्पना के प्रथम आयाम के अंतर्गत 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और सहजसुखद जीवन के लिए भौतिक और सामाजिक अवसंरचना का निर्माण करना है। वित्त मंत्री ने कहा कि परिकल्पना के दूसरे आयाम के अंतर्गत एक ऐसे डिजिटल भारत का निर्माण करना है जहां हमारा युवा वर्ग डिजिटल भारत के  सृजन में व्यापक स्तर पर स्टार्ट-अप और इको-सिस्टम में लाखों रोजगारों का सृजन करते हुए इसका नेतृत्व करेगा। भारत क ो प्रदूषणमुक्त राष्ट्र बनाने के लिए इलेक्ट्रिकल वाहनों और नवीकरण ऊर्जा पर विशेष ध्यान देना। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है, आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके ग्रामीण औद्योगिकीकरण विस्तार के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगारों का सृजन करना। सभी भारतीयों के लिए सुरक्षित पेयजल के साथ स्वच्छ नदियां और लघु सिंचाई तकनीकों को अपनाने के माध्यम से सिंचाई में जल का कुशल उपयोग करना। उन्होंने कहा कि सागरमाला कार्यक्रम के प्रयासों में तेजी लाने के साथ भारत के तटीय और समुद्री मार्गों के माध्यम से देश के विकास को सशक्त बनाना। गोयल ने कहा कि हमारा अंतरिक्ष कार्यक्रम-गगनयान, भारत दुुनिया के उपग्रहों को छोडऩे का 'लांच पैडÓ बन चुका है और 2022 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजना इस आयाम को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक जैविक तरीके से खाद्यान्न उत्पादन और खाद्यान्न निर्यात में भारत को आत्म निर्भर बनाना और विश्व की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खाद्यान्नों का निर्यात करने की परिकल्पना है। इसके तहत 2030 तक स्वस्थ भारत और एक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल व व्यापक आरोग्यकर प्रणाली के साथ-साथ आयुष्मान भारत और महिला सहभागिता भी इसका एक महत्वपूर्ण घटक होगा। उन्होंने कहा, 'भारत को न्यूनतम सरकार, अधिकतम अभिशासन वाले एक ऐसे राष्ट्र का रूप देना जहां एक चुनी हुई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सहकर्मियों और अधिकारियों के अभिशासन को मूर्त रूप दिया जा सकता है। 

मोदी सरकार ने पेश अंतरिम बजट में जन साधारण व आयकर दाता को वो रियायतें दी हैं जो पिछले करीब दशक में किसी भी केंद्रीय सरकार ने नहीं दी है। उक्त भारत को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लियेे अगले एक दशक के लिये अपने लिये लक्ष्य भी निर्धारित कर लिये हैं लेकिन सरकार की परिकल्पनायें तभी साकार होंगी जब जन साधारण सरकार की भावनाओं को समझते हुए उसका साथ देगा। ताली कभी एक हाथ से नहीं बजती ठीक इसी तरह सरकार की योजनायें भी तभी साकार होती हैं जब समाज का साथ मिलता है।

समय की मांग है कि सरकार द्वारा किये कार्यों और सरकार की परिकल्पनाओं को देखते हुए मोदी सरकार को सहयोग व समर्थन समाज भी दे तभी भारत का भविष्य उज्जवल होगा।     

   

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।