11 करोड़ लोगों के लिए मोदी कैबिनेट ने दी महत्वपूर्ण पैकेज को मंजूरी, MSME पर फोकस

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनट की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों में किसान और मजदूरों का विशेष ध्यान रखा गया है। आज की बैठक में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत घोषणाओं के लिए रोडमैप तैयार किया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इन घोषणाओं से एमएसएमई क्षेत्र में निवेश आएगा और नौकरियां पैदा होंगी। संकट में फंसे एमएसएमई को इक्विटी सहायता देने की घोषणा हुई है, जिसके तहत 20 हजार करोड़ रुपए की सहायता के प्रावधान पर मुहर लग गई है। इससे 2 लाख संकट में फंसे एमएसएमई को फायदा होगा। 50 हजार करोड़ रुपए के इक्विटी निवेश का प्रस्ताव भी पहली बार हुआ है, जिससे एमएसएमई उद्योगों को स्टॉक एक्सचेंज में सूचिबद्ध होने का मौका मिलेगा।

 


आज की बैठक में जो फैसले लिए गए हैं उससे रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी। देश में 6 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई की अहम भूमिका है। लोग अपना कामकाज ठीक से कर सकें, इसके लिए सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। एमएसएमई को लोन देने की व्यवस्था की गई है। 20 हजार करोड़ रुपये लोन की योजना से सैलून, पान की दुकान आदि को भी लाभ होगा। सरकार व्यवसाय को आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है। एमएसएमई को लोन देने के लिए 3 लाख करोड़ की योजना है. रेहड़ी पटरी वालों के लिए लोन की योजना लाई गई है। रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार का लोन मिलेगा। केंंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एमएसएमई की मजबूती से निर्यात बढ़ेगा। 25 लाख एमएसएमई के पुनर्गठन की उम्मीद है। मजबूत एमएसएई के 15 फीसदी इक्विटी खरीदने की योजना है। कमजोर उद्योगों को उबारने के लिए 4 हजार करोड़ का फंड दिया गया है।  11 करोड़ ऐसे लोग हैं जो एमएसएमई में काम कर रहे हैं।