केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, मोदी सरकार ने DA बढ़ाया

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की मंगलवार को यहां हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम संसदीय सत्र में भी तीन तलाक से संबंधित विधेयक पारित नहीं हो पाने के कारण एक बार फिर से इसके लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया है। इसके साथ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पहले ये भत्ता 9 फीसदी है जिसे 12 प्रतिशत किया जा रहा है। 

बैठक के बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि तीन तलाक से संबंधित विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है लेकिन यह राज्यसभा में लंबित है। इसलिए सरकार ने इस पर फिर से अध्यादेश लाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि यह विधेयक पहली बार दिसम्बर 2017 में लोकसभा में पारित हुआ था लेकिन इसके राज्यसभा में अटकने के कारण सरकार को इससे संबंधित अध्यादेश लाना पड़ा था। इसके बाद सरकार ने संशोधित विधेयक नये सिरे से लोकसभा में पेश किया था। यह लोकसभा से दोबारा पारित हो गया लेकिन राज्यसभा में यह एक बार फिर अटक गया जिसके चलते सरकार को फिर से अध्यादेश लाना पड़ा है। 



इस अध्यादेश में तीन तलाक से पीडित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे तीन तलाक की कुप्रथा पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। मोदी सरकार तीन तलाक को बहुमत के बल पर लोकसभा में पारित करा लेती है लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण यह अटक जाता है। विपक्ष विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर अड़ा हुआ है और वह इसे प्रवर समिति में भेजने की मांग कर रहा है। कैबिनेट ने अधिसूचित, घमंतू और अर्ध अधिसूचित जातियों के लोगों के कल्याण के लिए विकास और कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी। इन वर्गों के कल्याण के लिए सरकार ने जुलाई 2014 में राज्यों में इस वर्ग की जातियों की राज्यवार सूची तैयार करने के लिए तीन साल के वास्ते राष्ट्रीय आयोग का गठन किया था। आयोग ने नौ जनवरी 2015 को अपना काम शुरू कर निर्धारित समय में रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।आयोग ने ही इन वर्गो के कल्याण के लिए स्थायी बोर्ड के गठन की सिफारिश की थी। इसके अलावा कैबिनेट ने  -अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के दूसरे चरण में 1.95 लाख ग्रामीण आवास बनाने, अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी। साथ ही राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति की घोषणा भी की।