मॉब लिंचिंग पर सरकार की सख्ती, नप सकते हैं सोशल मीडिया कंपनी हेड 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। इसी के तहत गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) ने बुधवार को कई पहलुओं पर चर्र्चा की। बैठक में उस पैनल की सिफारिशों पर भी बात हुई जिसका गठन लिंचिंग (पीट पीट कर हत्या) की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए हुआ है। पैनल ने जिन सिफारिशों की चर्चा की है उनमें मॉब लिंचिंग की जिम्मेवारी भारत में सोशल मीडिया साइटों के शीर्ष अधिकारियों पर जिम्मेदारी डालना है।

समिति ने संसदीय अनुमोदन के जरिए भारतीय दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता में नए प्रावधान शामिल कर कानून को सख्त बनाने की सिफारिश की है। ऐसा माना जा रहा है कि लिन्चिंग पर बनी कमिटी ने संसदीय अनुमोदन के जरिए भारतीय दंड संहिता (ढ्ढक्कष्ट) और दंड प्रक्रिया संहिता में नए प्रावधान शामिल कर कानून को सख्त बनाने की सिफारिश की है। अधिकारी ने बताया कि उम्मीद है कि अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए जीओएम अगले कुछ हफ्तों में और बैठकें कर सकता है। बाद में अंतिम फैसले के लिए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजा जाएगा। जीओएम के सदस्यों में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद व सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत हैं। 
 

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