दलित छात्रों को मिली करोड़ों रूपए की छात्रवृति छात्रों के लिए साबित होगी गेम चेंजर : कटारिया

अम्बाला/राजेन्द्र भारद्वाज। केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं राज्य जल शक्ति मंत्री रतनलाल कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत के 4 करोड़ दलित छात्रों को प्रदान की गई 60000 करोड रुपए की छात्रवृत्ति राशि भारत के दलित छात्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति स्कीम के तहत दसवीं के बाद यानी 11वीं कक्षा से उच्च शिक्षा तक ट्यूशन फीस, रहने और खाने के लिए मासिक भत्ता और टाइपराइटिंग भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना को लेकर राज्यों के साथ फंडिंग पैटर्न के विषय को भी सुलझा लिया गया है, नए फंडिंग पैटर्न के तहत केंद्र की हिस्सेदारी 60 फीसद फ़ीसदी और राज्यों को 40 फ़ीसदी हिस्सा देना होगा। उन्होंने बताया कि पुराने फंडिंग पैटर्न से अब तक इस स्कीम में हर साल औसतन 11 सौ करोड़ रुपए की ही मदद दी जाती थी लेकिन अब नई फंडिंग पैटर्न के हिसाब से इसे बढ़ाया जा रहा है यानी अनूसूचित वर्ग के बच्चों के कल्याण की स्कीम पर खर्च की जाने वाली राशि में 5 गुणों से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। इसे लेकर संचालित योजना पर अगले 5 सालों में लगभग 59000 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जाएगी जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 35000 करोड़ से ज्यादा की होगी, इस पूरी योजना से अनुसूचित जाति वर्ग के लगभग 4 करोड से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना पर लिए गए फैसले से अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने सारे देश में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं दलित संगठनों से अपील कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस निर्णय के बारे में दलित समाज के बीच में जनसंपर्क अभियान चलाएं ताकि लोगों में अधिक से अधिक जागरूकता फैल सके।