ट्रेन से घर न पहुंच पाए तो पशु बेचकर श्रमिकों ने हवाई सफर की टिकटें ली, फ्लाइट कैंसिल होने पर रिफंड भी नहीं मिला

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): लॉकडाऊन के दौरान ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जिन्होंने कई लोगों को भावुक कर दिया। इसी तरह की एक घटना प्रवासी मजदूर सोना मुल्ला व उनके साथियों के साथ हुई है। दरअसल सोना एक प्रवासी मजदूर है जोकि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाला है। वह दो माह से बिना रोजगार के मुंबई में फंसा हुआ था। इस दौरान उसने व दो साथियों ट्रेन से घर जाने के लिए बड़ी कोशिश की लेकिन बात नहीं बन पाई। इस दौरान उन्हें फ्लाइट्स शुरू होनेका पता चला लेकिन सोना के पास पैसे नहीं थे। 


मुंबई से कोलकाता तक की फ्लाइट की तीन टिकटों के लिए उनके गांव बैठे परिवार ने 30 हजार रुपए में पशु बेच दिए। गांव से परिवार ने पैसे सोना के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इन पैसों से सोना व उसके साथियों ने तीन टिकटें लीं। सोमवार को उनकी फ्लाइट थी और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए परिवार ने टैक्सी का 2 हजार रुपए किराया भी भरा। लेकिन जब वह एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि मौसम खराब होने के कारण फ्लाइट कैंसिल हो गई। अब इंडिगो के स्टाफ ने उन्हें पैसे रिफंड करने से मना कर दिया। सोना मुल्ला का कहना है कि अब न तो उसके पास मुंबई में कुछ बचा है और न ही मुर्शिदाबाद में रहने वाले परिवार के पास।