सूरजमुखी की सरकारी खरीद 25 से शुरू करने को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

शााहाबाद/स्वामी- शनिवार को सूरजमुखी की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने बारे किसानों की एक बैठक अनाज मंडी स्थित  किसान विश्रामगृह में संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने की। बैठक में किसानों ने सूरजमुखी की फसल बेचने बारे आने वाली समस्याओं के बारे विचार विमर्श किया और मांग की है कि सूरजमुखी की सरकारी खरीद 25 मई से शुरू की जाए और इस बारे मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। 

ज्ञापन में कहा गया कि किसानो कि सूरजमुखी कि फसल खेतो में पककर तैयार है जोकि इसी सप्ताह प्रदेश की मंडियो में आ जाएगी । आमतौर पर सरकारी खरीद के आदेश  1 जून के दे दिए जाते है परंतु खरीद उसके कई दिन बाद शुरू होती है जबकि किसान कि फसल इसी सप्ताह राज्य मंडियो में आ जाएगी किसानो को ज्यादा परेशानी न हो इसलिए इसकी खरीद 25 मई से शुरू कि जाए। सूरजमुखी कि फसल प्रदेश के कई जिलों में होती है। ग्राउंड स्तर पर देखा गया है की मु य रूप से सूरजमुखी कि फसल हरियाणा के यमुनानगर, पंचकुला, अंबाला, कुरुक्षेत्र , करनाल व कैथल जिलों होती है परंतु खरीद पूरे प्रदेश में जिला कुरुक्षेत्र कि शाहबाद मंडी व अंबाला जिले की अंबाला मंडी में होती है और पूरे प्रदेश  में मात्र दो जिलों में मात्र दो खरीद सैंटर बनाए जाते है जिससे कई जिलों कि फसल एक खरीद सैंटर पर बेच पाना नामुकिन व मुश्किल व परेशानी भरा कार्य है जिससे ज्यादातर किसानो को अपनी फसल प्राइवेट व्यापारी के पास न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम दामो पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है इसलिए प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा खरीद सैंटर खोले जाए। 

ज्ञापन में कहा गया कि 25 से 40 प्रतिशत का कोटा सिस्टम समाप्त किया जाए क्योंकि किसान को फसल बेचने में कोटा सिस्टम एक बड़ी समस्या है। पत्रकारों से बातचीत में भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यमंत्री कृष्ण बेदी से 19 को मुलाकात करेगा। उन्होने बताया कि सूरजमुखी की खरीद को लेकर 30 मई को एक बडी बैठक बुलाई गई है जिसमें आगे की रणनीति तय की गई है। इस अवसर पर राकेश बैंस, जसबीर मामूमाजरा, सुखचैन सिंह पाडलू, हरकेश खानपुर, पवन बैंस, बलविंद्र रावा, बलविंद्र दामली, अनूप दामली, सतनाम सिंह, रूढ द्घंह, कुलदीप दिनारपुर, संदीप कुमार, नरपत सिंह, बिंद्र जंधेडी सहित अनेक किसान मौजूद थे।