माता श्री चिंतपूर्णी चैत्र नवरात्र मेला 13 से 21 तक, मंदिर सुबह 5 से रात 10 बजे तक खुलेगा, लंगर-भंडारों पर पूर्ण प्रतिबंध

ऊना (सुशील पंडित) : माता श्री चिंतपूर्णी चैत्र नवरात्र मेला इस वर्ष 13 से 21 अप्रैल तक आयोजित होगा। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त ऊना डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज मेले के सफल आयोजन के लिए चिंतपूर्णी सदन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि एसडीएम अंब मेला अधिकारी होंगे, जबकि डीएसपी अंब को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को चार सैक्टर में बांटा जाएगा तथा इनमें 450 से अधिक पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। मेले के दौरान मंदिर प्रात: 5 बजे से रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं की स्पैशल बसों को भरवाईं में ही रोक दिया जाएगा, जबकि नियमित रूट की बसों को चिंतपूर्णी बस स्टैंड तक आने दिया जाएगा। साथ ही मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एडीसी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार स्थानों पर पानी पिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि भरवाईं से मुबारिकपुर तक 40 अस्थाई शौचालय स्थापित किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में आग इत्यादि की घटना से निपटने के लिए दो अग्रिशमन वाहन भी तैनात रहेंगे। साथ ही भिक्षावृति को रोकने के लिए सीडीपीओ तथा पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए। एडीसी ने सभी विभागीय अधिकारियों से मेले के सफल आयोजन के लिए अपना हर संभव सहयोग प्रदान करने का अपील की। बैठक में एसडीएम अंब मनेश कुमार यादव, एसएचओ कुलदीप सिंह, बीएमओ राजीव गर्ग, आरएम एचआरटीसी देहरा भूषण कुमार, आरएम ऊना सुरेश धीमान, बीओ होमगार्ड धीरज शर्मा, बारीदार सभा के प्रधान रविंदर छिंदा, भूषण कालिया, मंदिर ट्रस्टी ऐश्वर्या शर्मा, अलका संधु, शशि बाला सहित अन्य उपस्थित रहे।


नारियल चढ़ाने व ढोल नगाड़े बजाने पर रहेगा प्रतिबंध
एडीसी ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले नारियल के अतिरिक्त ढ़ोल नगाडे, लाउडस्पीकर व चिमटा इत्यादि बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेले के दौरान लंगर व भंडारे लगाने की अनुमति नहीं रहेगी। कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। कोविड वायरस की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा प्रसाद चढ़ाने संबंधी एसओपी जल्द ही जारी की जाएगी।

तीन जगहों पर मिलेगी दर्शन पर्ची
श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पर्ची अनिवार्य होगी तथा यह पर्ची तीन स्थानों से प्राप्त की जा सकेगी। दर्शन पर्ची एडीबी भवन, चिंतपूर्णी बस स्टैंड पार्किंग तथा शंभू बैरियर से प्राप्त की जा सकेगी। छोटे वाहनों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था भरवाईं तथा एडीबी भवन में की जाएगी, जबकि भारी वाहनों के लिए भी भरवाईं में ही प्रबंध किया जाएगा।

चिंतपूर्णी अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध होंगी
डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने को जहां चिंतपूर्णी अस्पताल 24 घंटे अपनी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।  एडीसी ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ व साफ-सुथरा पेयजल मुहैया करवाने के लिए आईपीएच विभाग को पेयजल स्रोतों की समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का कार्य सुलभ इंटरनेशनल को दिया गया है, जिनके 30 कर्मचारी कार्यरत हैं।