5.77 करोड़ की ठगी मामले में मास्टरमाइंड गिरफ्तार

मानसा (हैप्पी जिंदल) : पुलिस मानसा ने पिछले कुछ महीनों से भगौड़े व 24 पर्चों में नामजद ठगी के एक मास्टर माइंड को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह खुलासा आज एसएसपी मनधीर सिंह ने प्रैस को जारी एक बयान में करते कहा कि इस दोषी की गिरफ्तारी होने से और ठगी के मामलों को नकेल डलेगी। 

उन्होंने बताया कि 42 वर्षीय मुजरिम पाला सिंह वासी महमड़ा (सरदूलगढ़) वर्ष 2014 से ठगी का धंधा चला रहा था। उस पर थाना सरदूलगढ़ में 24 पर्चे दर्ज थे। उन्होंने बताया कि उसने किरपाल सिंह पटवारी व गुरजीत सिंह वासी खुम्मन के साथ मिलकर एक कम्प्यूटर फोटो स्टेट वाली दुकान पर जमीन की जाली जमाबंदियां, फर्दों व रजिस्ट्रियां आदि तैयार की थी। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर उसने एचडीएफसी बैंक सरदूलगढ़ से पांच करोड़, 77 लाख रुपये का लोन लेकर बैंक  के साथ ठगी मारी थी। मामले संबंधी जानकारी देते हुए एसपी (डी) अनिल कुमार ने बताया कि मास्टरमाइंड पाया गया दोषी अपनी गिरफ्तारी से डर कर यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश आदि इलाकों में लुक छिप कर रह रहा था।

उन्होंने बताया कि इंचार्ज पी ओ इंसपेक्टर अजैब सिंह की अगुवाई में थाना सरदूलगढ़ की पुलिस पार्टी ने खूफिया तफ्तीश के आधार पर आज उक्त मुजरिम को रतिया रोड कैंचियां सरदूलगढ़ से गिरफ्तार किया है। तफ्तीशी अफसर शिवजीराम ने इस केस के पहलुओं पर रोशनी डालते विस्तार से बताया कि 2014 में पाला सिंह व पटवारी किरपाल सिंह ने 12 विभिन्न केसों में एचडीएफसी बैंक से ठगी मारी थी।  इन 12 ठगियों में विभिन्न दोषी शामिल थे, जिनका मुख्य सरगना पाला व पटवारी किरपाल सिंह था। इन मुख्य दोषियों ने 12 और व्यक्तियों को अपने अधीन करके जाली कागजात बनवाकर बैंक से लोन के रूप में पैसे इकट्ठे किए। उन्होंने बताया कि 12 विभिन्न किस्म के केसों में इन व्यक्तियों के अलावा इस दोषी पर इतने (12) ही पर्चे दर्ज किए गए जिसके बाद किरपाल सिंह की मौत हो गई और पाला भगौड़ा हो गया था। 

उन्होंने बताया कि 2016 में हाईकोर्ट के आदेशों पर बनी एसआईटी (स्पेशल इनवैस्टीकेशन टीम) द्वारा पाला सिंह को मास्टर माइंड करार देते 12 ठग्गियों के मामलों का मुख्य दोषी घोषित किया गया था। तफ्तीश दौरान पाया गया कि पाला सिंह ने 12 विभिन्न व्यक्तियों के जरिये फर्जी कागजात तैयार कर बैंक से धोखे से इतनी बड़ी रकम हथियाई थी। जिसको काबू करने पर एक बड़ी कामयाबी पुलिस के हाथ आई है। इसको अदालत में पेश करने के बाद रिमांड हासिल करके और पूछताछ की जाएगी।

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