Thursday, September 20, 2018 11:22 AM

3 बच्चें की हत्या करने वाली महिला को उम्रकैद

अपनी दो बच्च्यिों तथा देवर के बेटे का गला घोटा था

कपूरथला (पियूष मनचंदा) : थाना कबीरपुर के गांव सरूपवाल निवासी एक विवाहिता द्वारा अपनी दो बच्चियों को गला दबाकर मारने के बाद देवर के बेटे को भी मारने के आरोप में साल 2015 से चल रहे एक केस में माननीय अडिशनल सेशन जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी महिला को उम्र कैद की सजा व 25 हज़ार जुर्माने का हुक्म दिया है। थाना कबीरपुर में वर्ष 2015 में धारा 302 के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 18 के अनुसार शिकायत कर्ता सुखदेव सिंह पुत्र बावा सिंह वासी गांव सरूपवाल ने पुलिस को दिए बयानों में बताया था कि उसके बड़े बेटे बलजीत सिंह का विवाह सरबजीत कौर वासी मानसा के साथ हुआ था। उसका बेटे बलजीत वर्ष 2014 में विदेश जाना चाहता था लेकिन उसकी पत्नी सरबजीत कौर उसको कहती थी कि अगर वह  कुछ ऐसा करेगी कि उसका वापिस आना पड़ेगा।

जुलाई 2014 को बलजीत ग्रीस के लिए अभी दिल्ली एयरपोर्ट ही गया था कि उसकी बहू सरबजीत कौर जिसकी दो पुत्रियाँ अमनप्रीत व नवजीत कौर हैं, ने देर रात अपने कमरे में जाकर अपनी बेटी अमनप्रीत कौर को संदिग्ध हालातों में गला दबाकर मार दिया। जिसको सुनकर शिकायतकर्ता ने अपने बेटे बलजीत सिंह को दिल्ली से ही वापिस बुला लिया लेकिन उसको यह नहीं बताया कि उसकी बेटी को माँ ने ही मारा है। घटना के 26 दिन बाद फिर जब बलजीत सिंह सुल्तानपुर लोधी किसी कार्य से गया हुआ था तो दोपहर उनकी पोती नवजीत कौर के स्कूल से वापिस आने के बाद उसकी माँ सरबजीत कौर उसको अपने कमरे में ले गई और कुछ देर बाद उसकी चीख सुन शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचे तो देखा सरबजीत कौर अपनी छोटी बेटी का गला दबा रही थी जिससे उसकी मौत हो गई। बलजीत सिंह ने जब घर आकर अपनी पत्नी सरबजीत से ऐसा करने बारे पूछा तो उसने बताया कि उसको नहीं मालूम क्या हुआ। यह कोई ऊपरी शक्ति है जो ऐसा करवा रही है। इस घटना के बाद भी मामला घरवालों ने पुलिस को नहीं बताया। 

थाना कबीरपुर पुलिस ने शिकायतकर्ता सुखदेव सिंह पुत्र बावा सिंह के बयानों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर केस माननीय अदालत में भेज दिया। लोअर कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद केस माननीय सेशन कोर्ट में भेज दिया गया। जिसके बाद अडिशनल सेशन कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों की दलीले सुनने के बाद माननीय जज मुनीश अरोड़ा ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पहली दो हत्याओं में सबूतों का अभाव देखा लेकिन तीसरी हत्या जिसमे आरोपी महिला ने अपने देवर के बेटे को मारा था, में आरोपी महिला सरबजीत कौर को उम्र कैद व 25 हज़ार जुर्माना देने का हुक्म दिया है और जुर्माना अदा न करने की सूरत में 6 माह की सज़ा में बढ़ोतरी करने का हुक्म भी दिया है।

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