जेएनयू के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी में बवाल, लाठीचार्ज

कोलकाता/नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हमले का असर अन्य शहरों में भी पड़ रहा है। कोलकाता में सुलेखा मोड़ पर पुलिसकर्मियों और जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच झड़प हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। 

वहीं कोलकाता में लेफ्ट और भाजपा के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दक्षिणी कोलकाता में ट्रैफिक ठप हो गया है। इलाके में दोनों ही पार्टियों के समर्थक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।  तमिलनाडु के चेन्नई में छात्र-छात्राओं ने सोमवार को जेएनयू हिंसा का विरोध किया। उन्होंने कैंडल मार्च निकाला। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी जेएनयू हिंसा का विरोध देखने को मिला। इसके अलावा कई और विश्वविद्यालयों के छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा की निंदा की। जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के साथ एकजुटता दिखाने वाले प्रदर्शनकारियों में छात्रों, शिक्षकों और नागरिकों का समूह शामिल था।  प्रदर्शनकारियों ने मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय (एमएएनयूयू), हैदराबाद विश्वविद्यालय, उस्मानिया विश्वविद्यालय और अन्य स्थानों पर नारे लगाए और रैलियां निकालीं। एमएएनयूयू की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने रविवार की रात जेएनयू में छात्रों और शिक्षकों पर नकाबपोश गुंडों द्वारा किए गए कथित अत्याचार को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाला। उधर, राजधानी के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में हुई हिंसा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ सोमवार को अदालत की अवमानना याचिका दायर की।


याचिकाकर्ता ने कहा है कि शीर्ष अदालत ने 17 जुलाई 2018 को मॉब लिंचिंग मामले में जरूरी दिशानिर्देश जारी किये गये थे और इन घटनााओं की रोकथा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया था, लेकिन जेएनयू में दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर शीर्ष अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया है।