बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना के लिए नहीं होगा भूमि अधिग्रहण: चौहान

खरगोन (उत्तम हिन्दू न्यूज): मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज खरगोन जिले के भीकनगांव में 745 करोड़ रूपये लागत की बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि यह निमाड़ क्षेत्र की पहली योजना है, जिसमें किसी भी किसान की भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

चौहान ने कहा कि बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना से 129 गांव की 50 हजार 164 हेक्टेयर कृषि भूमि को उद्वहन सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना में सम्पूर्ण जल वितरण पाईप प्रणाली से किया जाएगा। किसान को प्रत्येक 2.50 हेक्टेयर चक तक पाईप द्वारा 20 मीटर दाब युक्त पानी मिलेगा। इससे किसान आधुनिक कृषि की नवीन तकनीकों फव्वारा और ड्रिप पद्धति से सिंचाई कर सकेंगे।

नहर सिंचाई से नर्मदा घाटी में ऊँचाई पर बसे गांव के किसानों को नर्मदा जल उपलब्ध करवाने के लिये मुख्यमंत्री की पहल पर यह नवाचारी प्रयास किया गया है। इस योजना से जल उद्वहन कर दो चरण में 120.50 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचाया जायेगा। योजना के अंतर्गत इदिंरा सागर परियोजना की मुख्य नहर आइडी 57.85 किलोमीटर से 17.80 घनमीटर जल प्रति सेकण्ड की क्षमता से उदवहन किया जाएगा।

भूमि-पूजन समारोह में कृषि राज्य मंत्री बालकृष्ण पाटीदार, सांसद नंदकुमार चौहान और सुभाष पटेल, विधायक झूमा सोलंकी, स्थानीय जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद थे। 

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