कुलभूषण जाधव पर फैसले को अपनी जीत बता रहा था पाक, भारत ने जमकर लगाई लताड़ 

07:25 PM Jul 18, 2019 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल आईसीजे के फैसले के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि यह उसकी जीत है। इस पर आज भारतीय विदेश मंत्रालय ने जमकर पाकिस्तान को तलाड़ लगाई।  

रवीश कुमार ने कहा, मुझे ऐसा लगता है कि वे किसी अन्य फैसले को पढ़ रहे हैं। मुख्य फैसला 42 पेज का है और अगर उनके पास सभी 42 पेजों को पढऩे का धैर्य नहीं है तो उन्हें फैसले को लेकर आईसीजे के 7 पेज की प्रेस रिलीज को पढऩा चाहिए। हर पॉइंट भारत के पक्ष में है। प्रेस रिलीज के पहले ही पैराग्राफ में कहा गया है कि फैसला अंतिम है, बाध्यकारी है और इसके खिलाफ अपील नहीं हो सकती।

बता दें कि पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया था। इसमें कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय में पाकिस्तान की जीत बताई गई थी। ट्वीट कुछ इस तरह था, 'पाकिस्तान की बड़ी जीत। आईसीजे ने भारत की कुलभूषण जाधव को रिहा करने और भारत भेजने की मांग खारिज की।' 


 
जाधव को भारत लाने की कोशिश जारी रखेंगे: जयशंकर
जयशंकर ने राज्यसभा में दिए गए एक बयान में कहा कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर पाकिस्तान में गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है। विदेश मंत्री ने कहा, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला न केवल भारत और जाधव के लिए प्रामाणिकता का सबूत है बल्कि उन सभी के लिए भी है जो कानून व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संधियों की पवित्रता में विश्वास रखते हैं।  

जयशंकर ने कहा कि कुलभूषण जाधव निर्दोष हैं और कानूनी प्रतिनिधित्व तथा नियत प्रक्रिया के बिना जबरन करवाए गए उनके कबूलनामे से वास्तविकता नहीं बदलेगी। विदेश मंत्री ने कहा कि हम एक बार फिर पाकिस्तान से जाधव को रिहा करने और भारत वापस भेजने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जाधव की सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें यथाशीघ्र भारत वापस लाने के लिए कोशिश जारी रखेगी।