कर्नाटकः स्पीकर ने कहा-नहीं मानूंगा गवर्नर का आदेश, सदन लंच ब्रेक तक स्थगित

बेंगलुरू (उत्तम हिन्दू न्यूज): कर्नाटक में भारी गहमागहमी के बीच विधानसभा लंच ब्रेक तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि वह राज्यपाल के निर्देशों को नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा है कि पहले चर्चा होगी उसके बाद ही वोटिंग कराई जा सकेगी। विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने कहा,  जब तक चर्चा पूरी नहीं हो जाती तब तक वोटिंग के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। 

इससे पहले, गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा पेश किए गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। हालांकि राज्यपाल ने कुमारस्वामी से कहा था कि वह आज दोपहर 1.30 बजे तक बहुमत साबित करें, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा पूरी होने तक वोटिंगसे इंकार दिया है।

गुरुवार को विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्णा रेड्डी ने कांग्रेस सदस्यों द्वारा भारतीय जनता के खिलाफ की जा रही नारेबाजी के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी थी। हालांकि उस वक्त तक सदन में कुमारस्वामी की ओर से विश्वास मत पर उनकी बात रखी जानी बाकी थी। सदन की कार्यवाही में गुरुवार को 20 विधायक नहीं पहुंचे। इनमें 17 सत्तारूढ़ गठबंधन के हैं। बागी विधायकों में से 12 फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

आज हंगामे के बीच भाजपा ने दोपहर 1:30 बजे से पहले वोटिंग की मांग की थी। उन्होंने कहा कि हम राज्यपाल के निर्देश को मानते और स्वीकार करते हैं। हम उनके आदेश का पालन करने के लिए यहां बैठे हैं। कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि विधानसभा से अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल ने राज्यपाल को अपनी सेहत से जुड़ी जानकारी के संबंध में पत्र लिखा है। इस बीच मुंबई पुलिस ने कर्नाटक पुलिस को मुंबई के सेंट जॉर्ज अस्पताल में पाटिल का बयान लेने की अनुमति दे दी है।

उधर, जेडीएस विधायक श्रीनिवास गौड़ा ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि भाजपा नेता योगेश्वर उनके पास पांच करोड़ रुपये लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने पैसा लेने से इनकार कर दिया था। विधानसभा में कुमारस्वामी ने बीजेपी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि मैं भी देखता हूं कि आप कितने दिनों तक सत्ता में बने रहते हैं। आप सत्ता पाने केलिए हर तरह की कोशिश में लगे हुए हैं।

कुमारस्वामी ने विश्वासमत के लिए आग्रह किया। उसके बाद उन्होंने कहा कि विश्वास मत के मुद्दे पर चर्चा करने की आवश्यकता है और इसे आज दोपहर 1.30 बजे तक पूरा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा- पहले सभी को बोलने और चर्चा करने दीजिए। इस बीच कर्नाटक की स्थिति को लेकर लोकसभा में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस सदस्य कर्नाटक की स्थिति के बारे में बात करना चाहते थे, लेकिन स्पीकर ओम बिड़ला ने उनकी बात नहीं मानीय़ कर्नाटक की स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया था।