काजोल ने 'मीम शेयरिंग' लुक फ्लॉन्ट किया, लोग कर रहे वाह-वाह

मुंबई(उत्तम हिन्दू न्यूज): बॉलीवुड स्टार काजोल सोशल मीडिया पर अपने हास्य और व्यंग्य के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने बुधवार को मीम शेयरिंग लुक को अपने फैंस को दिखाया. काजोल ने अभिनेत्री-निर्देशक रेणुका शहाणे के साथ एक तस्वीर साझा की, जहां दोनों काजोल के फोन की स्क्रीन पर देख रहे हैं. काजोल ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'जब मैं अपने पसंदीदा व्यक्ति के साथ प्यार करने वाली मीम शेयर करने के लिए उत्साहित हूं, तो क्या हम सब भी ऐसा नहीं कर सकते?' रेणुका ने काजोल की हाल ही में रिलीज हुई ओटीटी फिल्म त्रिभंगा का निर्देशन किया है. फिल्म में काजोल ने अभिनेता मिथिला पालकर और तन्वी आजमी के साथ स्क्रीन साझा की.

इसके पहले काजोल ने अपना कोविड समय का विचार साझा किया. उन्होंने लिखा कि ‘निरंतर प्रयास ही कुंजी, जैसे कि एक तीली पर हम स्वेटर बुनते हैं और अंत में हमें पूरा स्वेटर प्राप्त होता है. 'आई लव यू' उसी तरह शुरुआत है जिसके अंत में हमें प्यार प्राप्त होता है और अपनी उस कहानी की किताब हम पढ़ चुके होते हैं.’ इसके साथ काजोल ने कैमरे में देखती हुई अपनी एक तस्वीर भी शेयर की थी. फोटो में वे मुस्कुराती दिखीं. लाइट कलर के गाउन और खुले बालों में अभिनेत्री काफी सुंदर लग रही थीं. बिना मेकअप के भी वे खूबसूरत दिख रही थीं.

बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल अपनी निजी जिंदगी के बारे में अक्सर खास खुलासे करने के लिए जानी जाती हैं. वह बहुत बार अपनी जिंदगी के बारे में दिलचस्प किस्से और बातें साझा कर चुकी हैं. अब काजोल ने उस बात का खुलासा किया है जिसको उनकी मां और हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री तनुजा ने तोहफे के तौर पर उन्हें दी है. साथ ही अपने परिवार को लेकर भी काजोल ने खास खुलासे किए हैं.

काजोल ने कहा कि मां तनुजा ने उन्हें सिखाया कि बच्चों को खुद के लिए सोचने दें और खुद फैसले लेने पर छोड़ दें. उन्होंने कहा कि बच्चों को यह पता होने की जरूरत है कि क्या वह अपने निर्णयों के परिणामों का सामना करने में सहज हैं या नहीं. काजोल ने कहा, 'मेरी मां ने मेरे लिए बहुत सी चीजें की हैं. उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बात यह सिखाई है कि मैं अपने बच्चों को खुद फैसले लेने पर छोड़ दूं. मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सबसे बड़ी सीख थी जिसे मैंने सीखा है. मेरे बच्चे सीखते हैं कि वह कैसे अपने लिए सोचें, अपने फैसले खुद लें और पता करें कि वह अपने लिए फैसलों के साथ रह सकते हैं या नहीं. यही एकमात्र तरीका है कि उन्हें पता चले कि उनके द्वारा लिया गया फैसला क्या सच में सही था.'