Monday, May 20, 2019 04:12 PM

न्याय योजना से गरीबी का खात्मा करेगी कांग्रेस: जयवीर शेरगिल

युवाओं को काम, किसानों को मेहनत का उचित दाम एवं भारत की विश्व में शान कांग्रेस का एजेन्डा
अगर मोदी दोबारा सत्ता में आए तो होगा लोकतंत्र का अंत
पंजाब में कांग्रेस सभी 13 सीटों पर जीत दर्ज करवाएंगी

नई दिल्ली/ प्रतीक जैन: जालंधर में जन्मे 35 वर्षीय जयवीर शेरगिल तर्क-वितर्कों में अपने द्वारा रखे जाते तथ्यों के लिए मशहूर हैं। युवा नेता जयवीर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता है एवं पेशे से सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। इसके साथ ही उन्हें कांग्रेस के सबसे युवा राष्ट्रीय मीडिया पैनालिस्ट होने का गर्व प्राप्त है। पंजाबी संस्कृति में उनके योगदान को लेकर उन्हें 2016 में पंजाबी आइकन अवार्ड भी मिल चुका है। देश में लोकसभा चुनावों के माहौल, कांग्रेस के जनता में ले जाए जा रहे मुद्दों, महागठबंधन एवं आप से गठबंधन को लेकर विषयों उन्होंने 'उत्तम हिन्दू' के विशेष प्रतिनिधि प्रतीक जैन से खुलकर बातचीत की जिसके जिसके सारांश इस प्रकार हैं :-

सवाल : लोकसभा चुनावों में कांग्रेस अपने वजूद को बचाने हेतु क्या रह रही है। वजूद शब्द का प्रयोग 2014 लोकसभा चुनावों के परिणामों को देखकर किया गया है?
जयवीर : कोई दो राय नहीं कि 2014 की हार बहुत बड़ी हार थी। लोकतंत्र ने बहुत कुछ सिखाया। इसके साथ ही मीडिया ने 2014 में फरमान लिख दिया था कि कांग्रेस पार्टी दोबारा उठ नहीं सकती। 11 दिसंबर, 2018 एक साफ  उदाहरण है कि कांग्रेस को देश के मतदाताओं के दिल से नहीं निकाला जा सका। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान हो, इस देश की 14 प्रतिशत आबादी एवं संसद की 12 प्रतिशत वोट इन राज्यों से आती है। इन राज्यों की जीत सीधा दर्शाती है कि जनता जान चुकी है कि सरकार केवल कांग्रेस को चलानी आती है क्योंकि जो हम कहते है, वो करते है।

सवाल : कांग्रेस किन मुद्दों को लेकर जनता में जा रही है?
जयवीर : चुनाव मुहिम की बात करूं तो हम तीन मुद्दों से अभियान चला रहे हैं : काम, दाम व शान। युवाओं को काम, किसानों को मेहनत का उचित दाम एवं भारत की विश्व में शान। पिछले 5 वर्षों में जो हम 50 साल पीछे हो गए, अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाना, बेराजगारी को खत्म करना, 44 प्रतिशत आत्महत्याओं में वृद्धि को रोकना, सिलेंडर जो 450 से 1000 रूपये तक पहुंचा है, उसे वापस लाना, 11 लाख करोड़ रूपये जो सरकार ने 430 प्रतिशत उत्पाद शुल्क डीजल व 223 प्रतिशत पेट्रोल में लगाकर कमाए हैं, उन्हें जनता की प्रगति व विकास पर लगाना। हम वास्ताविकता पर बात करते हैं जिसे हम लागू कर सकें ना कि जुमले फेंक रहे हैं। एक तरफ भाजपा है जिन्होंने नीरव मोदी जैसों के खाते भरे तो दूसरी तरफ  कांग्रेस है जो 72 हजार के वार से गरीबी को खत्म करना चाहती है।

सवाल : न्याय योजना हेतु बजट कहां से आएगा?
जयवीर : यह स्कीम 5 करोड़ परिवारों को जिसमें अनुमानित 5 सदस्य भी लेकर चलूं तो 25 करोड़ की आबादी आ जाती है। 72 हजार प्रति परिवार, 3 लाख 60 हजार रूपया बन जाता है। अगर इसके बजट की बात करूं तो उदाहरण के तौर पर जो पैसा डीजल व पेट्रोल से उत्पाद शुल्क लगाकर अतिरिक्त आया था। अतिरिक्त इसलिए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल 110 डालर प्रति बेरोल से 45 डालर प्रति बेरोल भी आया था, के 11 लाख करोड़ रूपये को इसमें लगा सकते है। दूसरा, साढ़े तीन लाख करोड़ रूपया जो उद्योगपतियों का ऋण माफ  किया गया, उसकी रिकवरी कर सकते हैं।

सवाल : अगर कांग्रेस इतनी ही आशावादी है तो आपको गठबंधन की जरूरत क्यों पड़ रही है?
जयवीर : देखिए, मैं हमेशा कहता हूं कि जब अमित शाह गठबंधन करते हैं तो उसे चाणक्य नीति लेकिन जब कांग्रेस करती है कि तो हमें राजनीतिक हताश, एवं मजबूरी कहा जाता है। तो मुझे लगता है कि मीडिया कहीं ना कहीं नाइंसाफी कर जाता है। देखिए, एनडीए का आज का बल है:  भाजपा प्लस 47 पार्टियां। यूपीए में कांग्रेस प्लस 18 पार्टियां। सभी कहते है लड़ाई मोदी वर्सीज सभी की है। मैं तो कहूंगा यह टूटती एनडीए वर्सीज बढ़ती यूपीए की लड़ाई है।

सवाल : आम आदमी पार्टी ने हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में बहुत प्रयत्न किए, फिर कांग्रेस ने मना क्यों कर दिया?
जयवीर : आश्चर्य होता है कि वो अरविंद केजरीवाल जिनका जन्म कांग्रेस पर कीचड़ उछालकर हुआ, आज उनकी इतनी क्या मजबूरी हो गई कि वो कांग्रेस से गठबंधन करने पर उतर आए हैं। कभी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का सपना देखने वाले केजरीवाल को अब समझ आ गया है कि पूरे देश में भाजपा को टक्कर सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही दे सकती है। उन्हें पता चल गया है कि हालात बदल सकते है किंतु जज्बात नहीं। बाकी आप से गठबंधन की बात तो कांग्रेस दिल्ली में जीत का कोई संदेह नहीं रखना चाहती थी, इसलिए गठबंधन की बात चल रही थी। किंतु पंजाब व हरियाणा में हम कैडर स्तर बहुत ज्यादा सक्षम है। हम वहां गठबंधन क्यों करते। हालांकि दिल्ली में गठबंधन के विरोध कुछ वरिष्ठ नेता थे। पंजाब व हरियाणा में आप व कांग्रेस की राजनीतिक सोच मेल नहीं खाती। राहुल ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि हम गठबंधन वहीं करेंगे जहां हमारा कैडर कमजोर होगा।

सवाल : तो क्या दिल्ली में आपका कैडर कमजोर है या यहां जीतने की संभावना कम है?
जयवीर : देखिए, 2019 का चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण चुनाव है। यह लड़ाई देश को बचाने की लड़ाई है, संविधान को बचाने की लड़ाई है। अगर मोदी जी सत्ता में पुन: आ जाते है तो न ही देश में संविधान रहेगा, न ही लोकतंत्र। शायद दोबारा कभी चुनाव भी न हो। दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को एक हार मिली, इसलिए हम कोई रिस्क नहीं लेना चाहते ताकि भाजपा को कोई फायदा ना हो। सत्ता में आने से ज्यादा हमें हमारी विचारधारा जरूरी है।

सवाल : राहुल गांधी को वायनाड से चुनाव लडऩे की क्या आवश्यकता पड़ी?
जयवीर : राहुल जी कोई मजबूरी कारण साउथ नहीं गए बल्कि यह संदेश देने गए है कि उत्तर व दक्षिण भारत में कोई भेद भाव नहीं है। आज राजनीति की जा रही है कि दक्षिण भारत के राज्य आवश्यक नहीं है। राहुल जी अखंड भारत के सपने पर चलते है और एक संदेश देना चाहते है कि जब कांग्रेस की सरकार आएगी तो सभी राज्यों की बराबरी होगी।

सवाल : चुनाव से पहले महागठबंधन नहीं हुआ, अगर नतीजों के बाद होता है तो पीएम कौन होगा?
जयवीर : 2004 में जनता ने व्यक्ति विशेष को वोट नहीं डाला था। तब भी कांग्रेस से प्रधानमंत्री प्रत्याशी कौन होगा की बातें चल रही थी। यह समझ लीजिये जब कोई राजनीतिक दल एक व्यक्ति के इर्द गिर्द घूमना शुरू होता है तो वो दिशाहीन हो चुका होता है। कांग्रेसी कार्यकर्ता के तौर पर मैं कहूंगा कि अगर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी हुई तो 15 अगस्त को राहुल जी ही तिरंगा फहराएंगे। अगर कांग्रेस नहीं हुई तो जो यूपीए निर्णय लेगा जिसकी अध्यक्षा सोनिया गांधी है, का फैसला सिर-आंखों पर होगा।

सवाल : मोदी जी ने तंज कसा है कि कांग्रेस इस बार इतिहास की सबसे कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है?
जयवीर : यह केवल उनका भ्रम है। हम अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल जी ने स्पष्ट कहा था कि अगर भाजपा को रोकने हेतु मुझे कुर्बानी भी देनी पड़ी तो मैं दे दूंगा। साथ ही इस वास्तिवकता से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि क्षेत्रीय दल देश का भविष्य हैं। कांग्रेस हो या भाजपा, बिना क्षेत्रीय दलों के चुनाव नहीं जीत सकते। उनका वोट शेयर 40 प्रतिशत है। हालांकि मैं सीईसी का मैंबर नहीं, लेकिन जो भी नंबर आएगा, नतीजा आएगा, सभी पार्टियों से विचार करके ही प्रधानमंत्री उम्मीदवार रखा जाएगा।

सवाल : पंजाब की स्थिति कैसे आंक रहे हंै?
जयवीर :
हम मिशन 13 पर चुनाव लड़ रहे है। यह वो राज्य है जहां नतीजे 100 से अधिक 110 प्रतिशत ना आ जाएं। अकाली दल की तकड़ी टूट चुकी है, आप के झाडू के तिले-तिले बिखर चुके है। कमल का फूल मुरझा चुका है।

सवाल : आप आनंदपुर साहिब से चुनाव लडऩे के चाहवान थे, टिकट मनीष तिवारी को मिला। क्या चुनाव प्रचार में जाएंगे?
जयवीर :
बिल्कुल। मैं बड़े भाई के चुनाव प्रचार में अवश्य जाउंगा। पंजाब के साथ साथ पार्टी ने मेरी ड्यूटी उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में भी लगाई है।

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