निर्भया को इंसाफ : स्मृति ईरानी ने राष्ट्रपति का आभार जताया

04:20 PM Jan 17, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को निर्भया कांड के दोषियों में से एक की दया याचिका खारिज करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के प्रति आभार व्यक्त किया। स्मृति ने कहा, "मैं आज राष्ट्रपति जी का आभार जताती हूं, जिन्होंने निर्भया के एक दोषी की मर्सी पिटीशन खारिज कर दी।" केंद्रीय मंत्री ने निर्भया की मां की सरहना करते हुए कहा, "मैं निर्भया की मां को कह सकती हूं कि आपके संघर्ष को प्रणाम।"

मामले को लेकर स्मृति ईरानी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "एक तरफ मां न्याय की गुहार लगा रही थी, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने उन्हें न्याय से दूर रखने की कोशिश की, इसलिए मैं भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ता होने के नाते आक्रोश व्यक्त करती हूं। केजरीवाल सरकार ने नाबालिग दोषी को सिलाई मशीन और पैसे क्यों दिए?" स्मृति ईरानी ने कहा, "केजरीवाल सरकार से मैं कहना चाहती हूं कि जुलाई, 2018 की रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद भी आपकी वजह से निर्भया के दोषियों को फांसी नियत तिथि पर नहीं हो रही। आपकी सरकार को धिक्कार है।"

गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले के एक दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी। इसके पहले गृह मंत्रालय ने गुरुवार रात को ही राष्ट्रपति के पास दया याचिका की फाइल भेजी थी और उसे खारिज करने की सिफारिश की थी। अदालत ने निर्भया मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय से समीक्षा के लिए भेजे जाने और इसे प्राप्त करने के कुछ घंटे बाद ही गृह मंत्रालय ने गुरुवार रात ही इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया था। इससे पहले, दिल्ली सरकार ने निर्भया कांड के दोषी मुकेश की दया याचिका को खारिज करते हुए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय को भेजा था। इसके बाद इसे गृह मंत्रालय को भेजा गया।

16 दिसंबर, 2012 को हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। छह आरोपियों ने 23 वर्षीय महिला के साथ चलती बस में मिलकर दुष्कर्म किया था और उसकी बुरी तरफ पिटाई की थी। बाद में छात्रा की मौत हो गई थी। सभी छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों में से एक नाबालिग था, इसलिए उसे किशोर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।