जम्मू-कश्मीरः कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मार गिराये 2 आतंकी, पथराव कर रही भीड़ में से भी 2 जख्मी

श्रीनगर (उत्तम हिन्दू न्यूज) : दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया है। मुठभेड़ स्थल पर एकत्र हुई पत्थरबाजों की भीड़ पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दो पत्थरबाज भी जख्मी हुए है। मुठभेड़ खुर हाजीपोरा क्षेत्र में हो रही है। जानकारी के अनुसार सेना की 34 आरआर, पुलिस और सीआरपीएफ ने एक पुख्ता सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया और तभी क्षेत्र में छिपे हुये आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई और 5 घंटों की मुठभेड़ के बाद 2 को मार गिराया गया। फिलहाल तीसरे आतंकी के बारे में पता नहीं चल पाया है। मरने वाले आतंकी किस गुट के थे यह जानकारी एकत्र की जा रही है।

encounter in kulgam 2 terrorist killed

मिलने वाले समाचारों के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल ओर पत्थरबाजों की भीड़ एकत्र हो गई थी और उन्होंने सुरक्षाबलों के कार्य मे बाधा डालने की  कोशिश की पर उसे सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम बना दिया। पत्थरबाजों ओर की गई कार्यवाही में 2 पत्थरबाज जख्मी हो गए हैं।

इधर, श्रीनगर में शुक्रवार को मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। शहर में मुठभेड़ के दौरान हिज्बुल के एक कमांडर के मारे जाने के बाद चार दिन तक इंटरनेट सेवा निलंबित रही थी। एक अधिकारी ने बताया थी श्रीनगर में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। बीते मंगलवार को शहर के नवाकदल क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के एक कमांडर जुनैद सेहरई के मारे जाने के बाद इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई थीं। 

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था और लश्कर-ए-तैयबा आतंकी समूह के पांच सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के एक सहयोगी जहूर वानी को जिले के अरिजल गांव से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर ही आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था। आतंकवादियों के चार साथियों युनूस मीर, असलम शेख, परवेज शेख और रहमान लोन को गिरफ्तार किया गया था। सभी जिले के खान साहिब इलाके के रहने वाले थे। 

आतंकवादी ठिकाने से हथियार और गोला-बारूद जैसी आपत्तिजनक सामग्रियां मिली थीं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ये लोग क्षेत्र में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के आंतकवादियों को साजो-सामान और आश्रय मुहैया कराते थे।