जालंधर प्रशासन ने शुरू किया अभियान, बेसहारा पशुओं को वाहनों के जरिए कन्नीयां कलां गौशाला पहुंचाया 

जालंधर (उत्तम हिन्दू न्यूज)- जालंधर निवासियों को बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने और बेसहारा पशुओं के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरु किया है, जिसके अंतर्गत आज शहर में से 6 बेसहारा पशुओं को वाहनों के जरिए कन्नीयां कलां गौशाला में भेजा गया। बेसहारा पशुओं की वजह से सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है। इस बारे में और ज्यादा जानकारी देते डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि शहर में सड़क हादसों का कारण बन रहे बेसहारा पशुओं को कन्नीयां कलां गौशाला में भेजा जा रहा है और आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा, जिससे शहर में इस समस्या का हल किया जा सके। उन्होंने बताया कि गौशाला के प्रबंधकों को भी ज़रूरी आदेश जारी किये जा चुके हैं, जिससे वहां इन पशुओं की अच्छी तरह देखभाल हो सके और लोगों को भी कोई परेशानी न आए।

 

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ज़िला प्रशासन ने बेसहारा पशुओं की समस्या के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाई है, जिसके अंतर्गत जहां सड़क पर घूमते पशुओं की गर्दनों पर रात को चमकने वाली रेडियम युक्त बैलटें लगाने की मुहिम शुरू की गई है, वहीं पुलिस आधिकारियों को लोगों की सुविधा के लिए हैल्पलाइन शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जहां लोग बेसहारा पशुओं के बारे में जानकारी दे सकेंगे। ये रेडियम प्लेट्स उन सभी पशुओं के लगाई जाएंगी, जिन्हे गौशाला नहीं ले जाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जालंधर में एक अन्य गऊशाला का निर्माण करने के लिए उपयुक्त ज़मीन ढूंढने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग और नगर निगम को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल ज़रूरत पशुओं को सड़कों से तबदील करने और उनकी देखभाल को यकीनी बनाना है। उन्होनें किसानों और पशु पालकों को भी अपील की कि वह अपने पशुओं को सड़कें पर खुला न छोड़े, जिससे इस कारण सड़कों पर होने वाले हादसों को रोका जा सके।