पानीपत के हनुमान मन्दिर की माटी का अयोध्या जाना गर्व की बात : स्वामी ज्ञानानंद

पानीपत (कौशिक): पानीपत का पुरबियान घाटी हनुमान मंदिर अनेकता में एकता का प्रतीक है। उक्त विचार महामंडलेश्वर श्री गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने सबको रोशनी फ ाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने ने कहा कि पानीपत का प्रकट ईश्वर श्री हनुमान मंदिर की माटी का जाना गर्व का विषय है।

कुरुक्षेत्र एवं नजदीकी क्षेत्रों में हनुमान जी स्वयं आकर रथ पर बैठकर गीता जी का श्रवण करके गए थे। पानीपत के ऐतिहासिक पुरातन मंदिर अपने आप में सिद्ध पीठ हैं। प्राचीन मंदिर श्री हनुमान जी की प्रतिमा चरणों से मिट्टी लेकर श्री राम जन्मभूमि नीव में जाना पानीपत और देश के लिए गौरव की बात है। फ ाउंडेशन के संस्थापक एवं संयोजक विकास गोयल, कोषाध्यक्ष हरीश बंसल व राकेश बंसल ने चांदी के सिक्के श्री ज्ञानानंद महाराज से मिट्टी में डलवाये।