महिला उद्यमिता की गरिमा बन ईशा ने बढ़ाया ऊना का मान

ऊना (सुशील पंडित) : जिला ऊना में महिला उद्यमिता के साथ-साथ बेटियों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करने की सोच रखने वालों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की गरिमा योजना के तहत 24 वर्षीय ईशा चौधरी को सम्मानित किया गया है। डॉ. वाईएस परमार वानिकी विश्वविद्यालय से स्नातक ईशा ने होम बेकिंग के माध्यम से स्वरोजगार को अपनाया है। माता-पिता के सहयोग व 50 हजार रुपए की धनराशि का निवेश कर उन्होंने केक, ब्राउनी, कप केक, पेस्ट्रीज़, कुकीज व होम मेड चॉकलेट बनाने का व्यवसाय शुरू किया।

एक वर्ष के छोटे से अंतराल में ही उनका व्यवसाय फलने-फूलने लगा है और वह जिला ऊना ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए महिला उद्यमिता की मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके केक की डिलीवरी के लिए ग्राहक को अपना ऑर्डर 3-10 दिन पहले तक देना पड़ता है। ऊना में वन विभाग की कॉलोनी में रहने वाली ईशा चौधरी ने बताया एक जनवरी 2020 को होम बेकिंग के व्यवसाय की शुरुआत की और शुरुआती एक महीने में ही अच्छा रुझान मिला। विदेशों में या बड़े शहरों में होम बेकिंग का अच्छा काम होता है, लेकिन ऊना में इस तरह का यह पहला प्रयास रहा, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। जिला प्रशासन ऊना की ओर से गरिमा सम्मान मिलने के बाद काम करने का हौसला बढ़ा गया। वन विभाग में अधीक्षक के पद पर तैनात ईशा के पिता वीरेंद्र सिंह कहते हैं आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। बेटी ईशा की मेहनत रंग ला रही है और वह पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई है।