कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदलने में सफल हुआ भारत  : इकबाल सिंह

जालंधर (उत्तम हिन्दू न्यूज): कोरोना काल के चलते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रत्यक्ष कार्य की बजाय सेवा कार्यों पर अधिक जोर देता रहा है और अगले समय के लिए समाज परिवर्तन, कार्यविस्तार एवं वैचारिक प्रबोधन प्रमुख बिंदु कार्ययोजना में शामिल रहेंगे। यह जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंजाब प्रांत संघचालक इकबाल सिंह ने पत्रकारों को दी। संघ कार्य के विस्तार पर उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में भारत में संघ कार्य को हर मंडल तक पहुंचाने की जो योजना है उसे पंजाब में भी विशेष प्रयास से अमल में लाने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंजाब में संघ की चल रही परिवार प्रबोधन, गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता की गतिविधियों को और आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले समय में ग्राम विकास और कृषि क्षेत्र में विशेष दृष्टि रखते हुए कार्य का आरंभ किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि संकट के दौरान पूरा भारत एकजुट होकर खड़ा हुआ। महामारी का सामना करने के लिए समाज ने अपनी शक्ति का परिचय दिया। इस दौरान समस्त फ्रंटलाइन वर्कर्स ने अपना दायित्व निभाया, देश की भावी पीढ़ी उनके इस समर्पण से प्रेरणा लेगी। उन्होंने आशा जताई कि देश और विश्व जल्द ही इस समस्या से मुक्त होगी। भारत ने वेंटिलेटर, पीपीई किट, कोरोना जाँच की तकनीक तथा जल्दी व सस्ती स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के विकास एवं निर्माण के औद्योगिक नवाचारों के द्वारा हम इस आपदा को भी अवसर में परिवर्तित करने में सफल हुए।

कोरोनाकाल के दौरान देश भर में हुए सेवाकार्यों के बारे इकबाल सिंह ने विस्तार से बताया कि स्वयंसेवकों ने सेवा भारती के माध्यम से 92,656 स्थानों पर सेवाकार्य किए और इसमें 5,60,000 कार्यकर्ता सक्रिय रहे। कार्यकर्ताओं ने 73 लाख राशन किटें, 4.5 करोड़ लोगों को तैयार भोजन के पैकेट, 90 लाख मास्क बांटे और 20 लाख प्रवासी लोगों की सहायता की। केवल इतना ही नहीं संघ के स्वयंसेवकों ने 2.5 लाख घुमन्तु लोगों की सहायता की और 60 हजार यूनिट रक्तदान भी किया। पंजाब के  बारे जानकारी देते हुए संघचालक ने बताया कि कोरोना काल के दौरान राज्य में 1023 स्थानों पर सेवाकार्य किए गए जिनमें 7109 स्वयंसेवक जुटे। कार्यकर्ताओं ने 76677 राशन किटें, 803953 लोगों को तैयार भोजन के पैकेट, 158771 मास्क बांटे और 151517 प्रवासियों की सहायता की। केवल इतना ही नहीं पंजाब के स्वयंसेवकों ने 2252 खानबदोश लोगों की सेवा की और 9478 युनिट रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में केवल संघ ही नहीं बल्कि समाज के बहुत से संगठन, गुरुद्वारे, मंदिर, मठ भी आगे आए जिन्होंने समाज की सराहनीय सेवा की।

इकबाल सिंह ने बताया कि देश में पिछले वर्ष मार्च की तुलना में 89 प्रतिशत शाखाएं पुन: प्रारंभ हो गई हैं। वर्तमान में देश भर में 34569 स्थानों पर 55652 शाखाएं, 18533 संगठन मिलन और 7655 संगठन मंडलियां चल रही हैं।  पंजाब में संघ की कार्य स्थिति के बारे संघ के प्रांत संघचालक स. इकबाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 228 स्थानों पर 502 शाखाएं, 135 साप्ताहिक मिलन व 259 संघ मंडलियां चल रही हैं। सिंह के अनुसार, संघ देश के ग्राम विकास में आगे बढ़ कर काम कर रहा है। 340 उदय ग्राम, 1360 प्रभात ग्रामों के साथ 2000 अन्य ग्रामों में गो आधारित कृषि, समरसता युक्त जीवन, सभी के लिए एक श्मशान, जलस्रोत, धर्मस्थान आदि के माध्यम से परिवर्तन का कार्य किया जा रहा है। पंजाब में भी इसी ग्राम विकास के इसी मॉडल पर बड़ी तेजी से काम किया जा रहा है। श्रीराम मंदिर के लिए चले निधि समर्पण अभियान के बारे जानकारी देते हुए स. इकबाल सिंह ने बताया कि  राज्य के कुल 12716 गांवों में से 6660 गांवों में लोगों से संपर्क किया गया। इस काम में 2335 टोलियों का गठन किया गया जिसमें 13341 कार्यकर्ता जुटे। इन कार्यकर्ताओं में 1129 महिलाएं व 13341 पुरुष कार्यकर्ता शामिल थे जिन्होंने 2005318 परिवारों में जाकर 46.97 करोड़ रुपये एकत्रित किए।