मौत को मात देने की आईपीएस की जंग जारी,विषाख्त रक्त निकाला गया

कानपुर (उत्तम हिन्दू न्यूज): उत्तर प्रदेश के कानपुर में घरेलू कलह के चलते जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास करने वाले आईपीएस अधिकारी सुरेन्द्र कुमार दास के शरीर से विषाक्त रक्त को निकालकर स्वच्छ रक्त को चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। अस्पताल प्रशासन ने गुरूवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि पहले चरण के तहत पुलिस अधीक्षक (पूर्व) का विषाक्त रक्त निकाल दिया गया है और नया रक्त प्रवाह होने लगा है। रीजेंसी के डॉ.राजेश अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि मुंबई के रिद्धी विनायक इंस्टीटय़ूट ऑफ क्रिटिकल केयर एंड कार्डियक सेन्टर के डॉ. प्रणव ओझा की तीन सदस्यीय टीम ने लायी गयी एकमो मशीन को सफलतापूर्वक आईसीयू में स्थापित कर लिया है और पहले चरण के तहत एसपी सिटी का विषाक्त रक्त निकाल दिया गया है और नया रक्त प्रवाह हो रहा है।
 
उन्होने कहा कि जरूरत पड़ने पर एक बार फिर बचे विषाक्त रक्त को निकाला जाएगा। ऐसे में उनके स्वस्थ होने की उम्मीद बन सकती है। हालांकि अभी भी वह खतरे से बाहर नहीं हैं। 

सूत्रों ने बताया कि अत्याधुनिक उपकरणों से लैस डॉ.ओझा की टीम एसपी सिटी का बराबर इलाज कर रही है। डा.ओझा की तीन सदस्यीय टीम अपने साथ अत्याधुनिक एक्मो मशीन भी लेकर आयी है,जिसके जरिये फेफड़ों और हृदय की कार्य क्षमता को बढ़ाया जाता है। जिला प्रशासन के साथ पुलिस के आलाधिकारी एसपी सिटी के स्वास्थ्य से संबंधित पल-पल की खबरें ले रहें है। अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

गौरतलब है कि कानपुर नगर में एसपी पूर्वी पद पर तैनात 2014 बैच के आईपीएस सुरेंद्र दास ने बुधवार तड़के सरकारी आवास में जहरीला पदार्थ खा लिया था। तबियत बिगडऩे पर स्टाफ ड्यूटी ने अधिकारियों को सूचना देकर उर्सला में भर्ती कराया। एसपी पूर्वी के जहर खाने की सूचना फैलते ही पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी हरकत में आए और उन्हें उर्सला से रीजेंसी के आईसीयू में भर्ती कराया था।