प्रदेश में सभी बसों को सैनेटाइज करवाने के निर्देश

कुल्लू (उत्तम हिन्दू न्यूज): कुल्लू में कोरोना को रोकने के प्रबंधों की समीक्षा बैठक आयोजित वन, परिवहन व युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कुल्लू तथा मनाली बस अड्डों को नित्य प्रति सैनिटाईज किया जा रहा है। यहां से जाने वाली सभी बसों को सैनिटाईज करके ही रवाना किया जा रहा है ताकि वायरस फैलने की कोई संभावना शेष न रहे। वह वीरवार को यहां देवसदन सभागार में कोरोना को रोकने के प्रबंधों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। गोविंद ठाकुर ने कहा कि दिन में तीन बार बस अड्डों को सैनिटाईज किया जा रहा है निजी बसों को भी सैनिटाईज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सभी चालकों व परिचालकों को मास्क व हैण्ड सैनिटाईजर उपलब्ध करवाए गए हैं। इसका खर्च हि.प्र. पथ परिवहन निगम द्वारा वहन किया जा रहा है। प्रत्येक बस में यह प्रमाणपत्र लगाने को कहा गया है कि चलने से पूर्व बस पूरी तरह से सैनिटाईज की गई है और यात्रा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। ऑटो चालकों व टैक्सी चालकों को भी मास्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इन्हें भी विभाग द्वारा सैनिटाईजर प्रदान किए जाएंगे। बस अड्डों पर लाउड स्पीकरों के माध्यम से बसों की सफाई को लेकर बार-बार एनाउन्समैन्ट की जा रही है। निगम के अधिकारियों को, चालकों व परिचालकों को दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।

आपात से निपटने में एक-एक व्यक्ति का सहयोग जरूरी
वन मंत्री ने कहा कि कोरोना को महामारी घोषित किया गया है और आज विश्वभर में चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर रोज स्वयं इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए समाज के एक-एक व्यक्ति का सहयोग अनिवार्य है। सभी को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे आना चाहिए और बहुत छोटे-छोटे उपाय हैं, जिनकी पालना ईमानदारी के साथ की जाए तो कोई भी संक्रमण समाज को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने कहा कि कुल्लू-मनाली की विश्वभर में पहचान है और ऐसे में यहां कोरोना जैसे भयावह वायरस का प्रवेश किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए। इससे जिला की छवि को विपरीत प्रभाव पड़ेगा। यहां के पर्यटन को प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम व्यक्ति को अपने आप को अनुशासित करना है, अपने को ठीक रखना है।