थिएटर से मिली लेखन की प्रेरणा : अनिरुद्ध दवे

मुंबई, (उत्तम हिन्दू न्यूज): अभिनेता अनिरुद्ध दवे का कहना है कि दिल्ली में स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में रहने के दौरान उन्हें लिखने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा, "मुझे लेखन की प्रेरणा उस वक्त मिली, जब मैं दिल्ली में रहकर थिएटर किया करता था। मैं अभ्यास के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में जाया करता था। वहां मैं लोगों को पढ़ते-लिखते हुए देखता था और मैं इसी से प्रेरित हुआ।"

अभिनेता ने आगे कहा, "मैंने लगभग 200 से 250 किताबें पढ़ी है। जब पढ़ने में आपको दिलचस्पी आने लगती है, तो स्वाभाविक रूप से लेखन में भी रूचि आने लगती है, तो यही से मुझे लेखन की प्रेरणा मिली।"

'पटियाला बेब्स' के यह अभिनेता पिछले बारह सालों से एक किताब में अपने विचारों को समाहित करते आ रहे हैं और इसके साथ ही साथ उन्होंने कविताएं व कहानियां भी लिखी है।

उनकी कविताओं में कटाक्ष व व्यंग्य की झलक देखने को मिलती है और वह राजनीतिक व्यंग्य भी लिखते हैं।

उन्होंने कहा, "इस वक्त जिस तरह के हालात हैं, चाहें वह हमारे क्षेत्र से जुड़ी हुई हो या दुनिया की स्थिति हो, मैं यही कहूंगा कि आम तौर पर मैं जिन कविताओं को लिखता है, वे मूलत: सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य ही होते हैं।"

अनिरुद्ध ने कुछ कहानियों व पटकथाओं को भी लिखा है और उन्होंने इस बात की पुष्टि भी की है कि चीजें एक बार स्वाभाविक होने पर वह इनमें से किसी एक पर शूटिंग भी शुरू करेंगे।