भारत की अग्नि परीक्षा

कोरोना वायरस, चीन की नापाक हरकत, नेपाल की हिमाकत और नापाक पाकिस्तान के साथ-साथ भारत में कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए हालात बहुत चुनौतीपूर्ण हैं, जिनका सामना भारत कर रहा है। कोरोना महामारी के कारण भारत का गरीब वर्ग सबसे अधिक दबाव में है, इसी बात को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनलॉक दो के समय देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को अब नवम्बर तक नि:शुल्क खाद्यान्न मुहैया कराया जाएगा। प्रधानमंत्री ने ‘एक देश एक राशन कार्ड’ योजना शुरू करने का भी वादा किया। पिछले कुछ वर्षों से इस योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत देश के किसी भी हिस्से में प्रवासी मजदूर नि:शुल्क खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने ईंधन के दाम में बढ़ोतरी और पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव का जिक्र नहीं किया। विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन दोनों मुद्दों, खासकर चीन के भारतीय क्षेत्र पर कथित कब्जा जमाने पर प्रधानमंत्री से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। करीब 17 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि नवम्बर तक बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने यह भी कहा कि लोग पहले की तरह कोविड-19 से बचने के लिए आवश्यक सतर्कता नहीं बरत रहे हैं। मोदी ने कहा कि लोगों को स्वयं भी सावधानियां बरतनी चाहिए और दूसरे लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। मोदी ने कहा कि अब कुछ दिनों में त्योहारों की शुरुआत हो जाएगी और उस दौरान लोगों की आवश्यकताएं बढ़ जाती हैं, इसलिए खर्च में भी इजाफा होता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मुफ्त अनाज की योजना नवम्बर के अंत तक जारी रहेगी।

उपरोक्त घोषणा के अनुसार अब गरीब वर्ग को अगले पांच माह तक मुफ्त राशन मिलेगा। प्रधानमंत्री अनुसार इस अन्न योजना पर अगले पांच माह में 90,000 करोड़ रुपए खर्च होगा। इस योजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने मेहनती किसानों और ईमानदार करदाताओं को श्रेय दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला कैसे लुटा। मुझे रहजनों से गिला तो है, पर तेरी रहबरी का सवाल है।’ वहीं, पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन पर कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री को अनियोजित लॉकडाउन से देशवासियों को हुए फायदे बताने चाहिए। कोरोना नियंत्रण के लक्ष्य में तो लॉकडाउन पूर्णतया विफल साबित हुआ है। देश जानता है कि अनियोजित लॉकडाउन के तय लक्ष्यों को देश पा सका है या नहीं?

राहुल गांधी ने जिस अंदाज में मोदी के नेतृत्व पर तंज कसा है उसी तरह चीन के सरकारी समाचार पत्र ने भी मोदी सरकार द्वारा चीन के उत्पादों के विरुद्ध उठाए कदमों पर तंज कसते हुए लिखा, ‘चीन के लोग अगर भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करना चाहें तो वे ऐसे ज्यादा उत्पाद खोज भी नहीं पाएंगे।’ उनके कहने का मतलब था कि भारत से चीन बहुत कम उत्पाद जाते हैं, जबकि भारत में चीनी उत्पादों की भरमार है। आगे लिखा ‘भारतीय दोस्तों, आपको राष्ट्रवाद से अधिक महत्वपूर्ण बातों के बारे में सोचने की जरूरत है।’ चीनी संपादक के तंज का जवाब उद्योगपति आनंद महिन्द्रा ने ट्विटर पर देते हुए कहा ‘मैं समझता हूं यह तंज भारतीय कंपनियों को मिला सबसे प्रभावी व प्रेरक नारा हो सकता है। हमें उकसाने के लिए धन्यवाद। हम इसे अवसर बनाकर ऊपर उठेंगे। जल्द ही जवाब देंगे।’

चीन ने भारतीय न्यूज वेबसाइट्स पर रोक लगा दी है। चीन की राह पर पाकिस्तान और नेपाल ने भी भारत के साथ लगती सीमाओं पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान और चीन दोनों ने मिलकर अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। नेपाल जिस के साथ भारत के सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंध हैं वह भी चीन की शह पर भारत को आंखें दिखा रहा है। कोरोना महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था दबाव में है और स्वास्थ्य सेवाएं अग्नि परीक्षा से निकल रही हंै। ऐसे में राहुल गांधी और सोनिया गांधी द्वारा दिए जा रहे बयान भारत की राजनीति में बढ़ते पतन का ही संकेत दे रहे हैं। देश जब अग्नि परीक्षा के दौर से निकल रहा है ऐसे में गांधी परिवार के ऐसे बयान चिंता का विषय हैं। देश का आम जन मोदी के नेतृत्व में विश्वास प्रकट कर रहा है, लेकिन गांधी परिवार की तरह मोदी का विरोध के लिए विरोध करने वाले विरोध करते चले जा रहे हैं। इससे भारत की राजनीति के गिरते स्तर का ही एहसास होता है।

समय की मांग है कि आज सब भारतीय मिलकर चीन, पाकिस्तान व नेपाल से मिल रही चुनौतियों का न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक व सामाजिक स्तर पर डटकर सामना करंे। हमारी एकजुटता, हमारा संकल्प और हमारी इच्छाशक्ति सीमा पर खड़े जवानों का हौसला भी बढ़ाएगी और भारत विरोधियों को भी घुटने के बल लाने में सफल होगी। कोरोना महामारी के कारण आ रही परेशानियां भी हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन के कारण दूर हो जाएंगी। अग्नि परीक्षा से जब उत्तीर्ण होकर भारत विश्व सम्मुख आयेगा तो वह भारत एक नया भारत होगा जिस पर हमें गर्व होगा और हमारी आने वाली पीढिय़ां भी मान करेंगी।

- इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।