भारत के भविष्य का बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश वर्ष 2019-20 के बजट में रखे गए लक्ष्यों, लगाए करों व दी गई छूट को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह बजट भारत के उज्जवल भविष्य को केंद्र बिन्दू में रखते हुए बनाया गया है। देश की उन्नति के लिए जहां गांव, गरीब और किसान का उत्थान आवश्यक है वहीं आर्थिक अनुशासन तथा वित्तीय मजबूती भी समय की मांग है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत की अर्थव्यवस्था 30 खरब डालर और अगले कुछ वर्षों में 50 खरब डालर की हो जाएगी।

बजट के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बुनियादी ढ़ांचे में भारी निवेश डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन,नागरिकों की आशाओं, विश्वास और आकांक्षाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब और किसान इस सरकार की सभी योजनाओं के केन्द्र बिन्दू हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुये की कार्ययोजनायें बनायी जा रही हैं। उन्होंने हर तरह की कनेक्टिविटी को अपनाये जाने का हवाला देते हुये कहा कि 80,250 करोड़ रुपये की लागत से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण में उन्नत किया जायेगा। 97 प्रतिशत गाँवों को बारहमासी सड़क से जोड़ा गया है, शेष गांवों को इसी साल जोडऩे का लक्ष्य है। उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर अंत्योदय को सरकार का लक्ष्य बताते हुये कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ मकान बने। 2019-20 से 2021-22 के बीच 1.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सीतारमण ने दो करोड़ से पांच करोड़ रुपये की कर योग्य आय पर सरचार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव किया जिससे प्रभावी कर में करीब तीन प्रतिशत की बढोतरी होगी। इसी तरह से पांच करोड़ रुपये से अधिक की आय पर यह प्रभावी कर सात प्रतिशत तक बढ़ेगा। पेट्रोल और डीजल पर एक रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा एक रुपये प्रति लीटर सड़क एवं ढांचागत अधिभार लगेगा। इस प्रकार इनके दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ जायेंगे। सोने तथा बेशकीमती धातुओं पर सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया है। वित्त मंत्री ने अगले पांच वर्षों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर 100 लाख करोड़ रुपये निवेश किये जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में विनिवेश से एक लाख पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 400 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार करने वाली कंपनियों पर अब 25 प्रतिशत कार्पोरेट टैक्स लगेगा। पहले यह सीमा 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिये थी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रत्यक्ष कर संग्रह 78 प्रतिशत बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि किफायती आवास को बढ़ाने के उद्देश्य से हाउसिंग फाइनेंस के नियमन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आवास बैंक से वापस लेकर रिजर्व बैंक को दी जायेगी। उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में सुधार जारी रखने और वित्तीय संकट में जुझ रहे गैर बैंकिंग फाइनेशियल कंपनियों को राहत देेने का वादा करते हुये कहा कि सरकारी बैंकों को चालू वित्त वर्ष में 70 हजार करोड़ रुपये दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि किफायती आवास के लिए 1.50 लाख रुपये की अतिरिक्त आयकर छूट दी जायेगी। इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर भी 1.5 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आयकर छूट मिलेगी। कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहन पर करदाता को 2.5 लाख रुपये का लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिये जाने का जिक्र करते हुये कहा कि एक वर्ष में एक करोड़ रुपये की नकद निकासी पर दो प्रतिशत टीडीएस लगेगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर इस वर्ष दो अक्टूबर को देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित किये जाने की घोषणा करते हुये उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत देश में वर्ष 2014 के बाद पांच लाख 60 हजार से अधिक गांवों में शौचालय का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक शहर भी खुले में शौच से मुक्त हो गये हैं। उन्होंने गैस और जल का राष्ट्रीय ग्रिड तैयार करने का वादा करते हुये कहा कि मेक इन इंडिया के तहत स्वच्छ पेयजल, जल प्रबंधन, स्वच्छ नदियां, ब्लू इकॉनोमी, अतंरिक्ष कार्यक्रम, गगनयान, चंद्रयान और सेटेलाइट कार्यक्रमों पर खासतौर पर ध्यान दिया गया है। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि सिर्फ आधुनिक बैटरी और पंजीकृत इलेक्ट्रिकल वाहनों पर फेम-2 के तहत सरकार की ओर से छूट मिलेगी। सीतारमण ने देश में हर साल ग्लोबल इंवेस्टमेंट मीट आयोजित करने का प्रस्ताव करते हुये कहा कि कारोबारियों को प्रतिवर्ष 20 लाख करोड़ रुपए की जरुरत है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वर्ष 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की आवश्यकता होगी और इसके लिए पीपीपी मॉडल को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थान सेबी में पंजीकरण कराकर इक्विटी, डेट और म्युचुअल फंड के जरिये पूंजी जुटा सकेंगे और इनके लिए उन्होंने सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने सरकार की महिला योजनाएं 'नारी तू नारायणीÓ पर आधारित होने का जिक्र करते हुये कहा कि स्वस्थ समाज की परिकल्पना के तहत आयुष्मान भारत, सुपोषित महिलाएं और बच्चे और नागरिकों की सुरक्षा को अहम स्थान दिया गया है। 2022 तक हर घर को गैस और बिजली का कनेक्शन दिये जाने का वादा करते हुये उन्होंने कहा कि 2024 तक 'हर घर जल' का लक्ष्य हासिल किया जायेगा। स्वच्छ भारत मिशन के अगले चरण में हर गांव में ठोस कचरा प्रबंधन का लक्ष्य रखा गया है। हर जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जायेगा। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए कहा कि आयकर रिटर्न भरते समय आधार और पैन कार्ड का परस्पर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन देेने के लिए क्रेडिट गारंटी एन्हांसमेंट कार्पोरेशन की स्थापना की जाएगी। अनिवासी भारतीयों के निवेश को भारत में सुविधाजनक बनाने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो से जोड़ा जाएगा तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए केवाईसी के नियम सरल बनाये जायेंगे। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए बजट को विपक्ष ने नई बोतल में पुरानी शराब कहकर ठुकराया है और कहा है कि इससे देश की आर्थिक हालत मजबूत होने वाले नहीं है और न ही गरीब व किसान को कोई लाभ मिलने वाला। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम बजट को देश के लोगों की आशा, आकांक्षा और विश्वास पर आधारित बताया और कहा कि यह लोगों के सपनों को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। 2019-20 का बजट लोक लुभावना तो नहीं कहा जा सकता लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला और भविष्य को संवारने वाला बजट अवश्य है।