गन्नौर में मेरी बेटी-मेरी पहचान मुहिम का शुभारंभ

सोनीपत (सुनील): एसडीएम स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने उपमंडल गन्रौर में मंगलवार को बीएसटी कालोनी में पौधारोपण कर मेरी बेटी-मेरी पहचान मुहिम का आगाज किया। उन्होंने बेटियों को आशीर्वाद देते हुए लोगों का आह्वान किया कि वे बेटा व बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। बेटियों को भी बेटों के समान अवसर प्रदान करने चाहिए, ताकि वे परिवार की पहचान बन सकें। 

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत मेरी बेटी-मेरी पहचान मुहिम की शुरुआत की गई है। सोनीपत जिला में इस मुहिम का शुभारंभ उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने अपने घर से अपनी बेटी के नाम की नेम प्लेट लगवाकर पौधारोपण के साथ किया था। उपमंडल गन्नौर में भी मुहिम के अंतर्गत 0-1 वर्ष आयुवर्ग की बेटियों के नाम पर पौधारोपण कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया गया है। एसडीएम स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने इस कार्य की शुरुआत की है। एसडीएम पाटिल ने बीएसटी कालोनी में पांच बेटियों नाम पर पौधारोपण किया। उन्होंने नन्हीं बेटियों व उनकी माताओं के साथ पौधारोपण किया। उन्होंने निशा, पिहू, दीया तनु और आराधना के नाम पर पौधारोपण करवाया। उन्होंने कहा कि गन्नौर में 0-1 वर्ष आयुवर्ग की 2500 बेटियों को चिन्हित किया गया है। इनके नाम पर उपमंडल में इनके घरों में पौधारोपण करवाया जाएगा। 

एसडीएम ने कहा कि बेटियों ने स्वयं को हर क्षेत्र में साबित किया है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बेटियों ने बेटों को भी पछाड़ दिया है। किंतु निराशाजनक है कि आधुनिकता के इस दौर में भी लडक़ा-लडक़ी में अंतर किया जाता है। बेटियों को कोख में ही मारने की घटनाएं समाज के माथे पर कलंक समान है। इस कलंक को जड़ से धोना है, जिसमें जनसहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा मेरी बेटी-मेरी पहचान मुहिम से भी निश्चित  रूप से बेटियों के संरक्षण को बल मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण भी समय की जरूरत है, जिसे गंभीरता से समझने की जरूरत है। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ प्रवीण मलिक, सुपरवाईजर मीनाक्षी, सुपरवाईजर अनुभा, सीमा, बिमला, कमला, आंगनवाड़ी वर्कर मंजू, प्रोमिला और मीना मौजूद थी।