किसान आंदोलन में दम तोड़ चुके किसान की लाश को पोस्टमार्टम हाउस में चूहों ने कुतरा, आंखों और पैरों पर मिले घाव

सोनीपत (उत्तम हिन्दू न्यूज)-हरियाणा में सोनीपत के कुंडली बॉर्डर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल बुजुर्ग किसान की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। परिजनों ने बुधवार देर रात उनका शव सामान्य अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर के अंदर रखवा दिया, जहां पर शव को चूहों ने कुतर दिया। गुरुवार सुबह परिजन और ग्रामीण अस्पताल में पहुंचे तो इसकी जानकारी मिलने पर अस्पताल में हंगामा कर दिया। बाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
 

मिली जानकारी के अनुसार गांव बैंयापुर जिला निवासी राजेंद्र सरोहा (70) कई दिन से कुंडली धरना स्थल पर मौजूद थे। बुधवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस पर उन्हें सामान्य अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जिस पर परिजन उनके शव को पोस्टमार्टम करवाने के लिए पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर के अंदर रखकर चले गए। गुरुवार सुबह जब परिजन अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो उन्हें पता लगा कि राजेंद्र के शव को आंख और पैर के पास से चूहों ने कुतर दिया है। इस पर उन्होंने शव की बेकद्री को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर सीएमओ डा.जसवंत पूनिया मौके पर पहुंचे और जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग की मौत के कारणों का पता लग सकेगा। कुंडली धरना स्थल पर अब तक 19 किसानों की मौत हो चुकी है। सोनीपत सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद किसान राजेंद्र सरोहा का शव ग्रामीण फूलों से सजी गाड़ी में रखकर गांव में लेकर पहुंच। गाड़ी को फूलों से सजाने के साथ ही उस पर तिरंगे लगाए गए थे। ग्रामीण राजेंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगाते हुए चल रहे थे। गांव में उनके नाम से नारे लगाए जाते रहे। किसानों ने उन्हें शहीद बताते हुए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने तक आंदोलन को जारी रखने की बात कही।