हिमाचल में 3 पार्टनरों ने फर्जी शिक्षण संस्थान खोलकर रचा छात्रवृति हड़पने का खेल, 8800 छात्रों के नाम पर हड़पे 30 करोड़ 

शिमला (पी.सी.लोहमी) - हिमाचल में तीन पार्टनरों ने 9 फर्जी शिक्षण संस्थान खोलकर छात्रवृति हड़पने का खेल रचा। छात्रवृतियां डकारने के लिए पूरे सिस्टम की आखों में ऐसी धूल झोंकी कि 8800 छात्रों के नाम पर करीब 30 करोड़ की राशि डकार ली। फर्जी शिक्षण संस्थान चलाने वाले तीनों पार्टनर ने छात्रवृति हड़पने के लिए फर्जी तरीके से ऐसा ताना-बाना बुना कि 4 से 5 वर्ष में करीब 30 करोड़ की छात्रवृति हड़प ली। सीबीआई की जांच में यह खुलासा हुआ है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि छात्रवृति हड़पने के लिए हिमाचल सहित पंजाब स्थित 6 बैंकों में खाते खोले गए। इसके बाद संबंधित खातों में पड़ी करीब 30 करोड़ की छात्रवृति राशि को दो बैंकों में शिफ्ट किया गया है। फर्जी शिक्षण संस्थान, जिनका पात्रता के मसले में रिकार्ड तक नहीं, वे डिग्रियां बांट रहे थे। इस मामले में कर्नाटका से जुड़ी एक डिमड यूनिवर्सिटी भी जांच के दायरे में आ गई है। चूंकि 9 में से 1 भी शिक्षण संस्थान एक भी छात्रवृति के लिए पात्र नहीं था। सीबीआई के अनुसार वर्ष 2013 से 17 के बीच में इस घोटाले को अंजाम दिया गया। 265 करोड़ के छात्रवृति घोटाले की जांच के तहत यह केस नौ शिक्षण संस्थान की जांच से जुड़ा है। ये संस्थान  नाइलट नाम से नाहन, ऊना,कांगड़ा, चंबा, सिरमौर सहित अन्य स्थानों पर रहे थे। नाइलट के नाम से चल रहे संस्थान उक्त कंपनी और सोसायटी चला रही थी। इन दोनों कंपनी व संस्थान के तीन पार्टनर (निदेशक) थे, जिनमें शिक्षा  निदेशालय में तैनात तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राज्टा की पत्नी बबीता राज्टा, महौली निवासी कृष्ण कुमार व राजदीप सिंह शामिल है। इनकी 33 प्रतिशत की हिस्सेदारी बताई जा रही है। इस पूरे मामले में अरविंद राजटा को रोल सबसे अहम रहा है। अब इस मामले की जांच में सीबीआई के राडार में 5 बैंक भी आ गए है। इनमें एक पंजाब नैंशनल बैंक, तीन इलाहाबाद बैंक, और एक बैंक ऑफ बडौदा की शाखा शामिल है। इनमें चडीगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक की  17 स्थित शाखा, इलाहाबाद बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर-8, पंचकूला सेक्टर-11 और सोलन स्थित एक शाखा के साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा की चंडीगढ़ रायपुर स्थित एक शाखा शामिल बताई जा रही है। 


उधर, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने 265 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में चंडीगढ़ के 3 बैकों के बेंक प्रबंधकों से बुधवार को सीबीआई शिमला थाना में पूछताछ की है। सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक और बेंक आफ बड़ोदा के बैंक प्रबंधको को शिमला सीबीआई थाना में पुछताछ के लिए तलब किया था। सीबीआई ने शिमला थाना में चंडीगढ़ के इन तीनो बैकों के प्रबंधको दिनभर बारी बारी से पूछताछ की है। सीबीआई के अधिकारियों ने इन तीनो बैंक प्रबंधको से सवाल जवाब किए की आखिर बेंको में छात्रो के फर्जी खाते क्यो खोले गए और बैंक खाते खोलते समय क्या क्या दस्तावेज लिए गए। बैंक में अगर छात्रो के खाते खोल ही दिए तो छात्रों के खाते में आने वाली छात्रवृत्ति को बैंक में खोले गए मार्किटिग सोल्यूशन स्कील डवेलपमेंट सोसायटी के खातें में क्यो छात्रवृत्ति का पैसा ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई ने यह भी पुछा की छात्रवृत्ति का पैसा ट्रांसफर करने के लिए क्यों मार्किटिंग सोल्यूशन स्कील डवेलपमेंट सोसायटी का फर्जी खाता खोला गया। सीबीआई ने यहां तक भी पुछा की इस फर्जीवाड़े को करने के लिए संस्थान की तरफ से कितनी कितनी रकम दी गई है। सीबीआई ने फिर से उक्त तीनो बैंक प्रबधको को बुलाने पर पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा है। बहरात अभी इस फजीवाड़े में चंडीगढ़ के ही दो और बैंक प्रबंधको को पूछताछ के लिए शिमला सीबीआई थाना बुलाया है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई की पूछताछ पूरी होने पर बैंक प्रबंधकों की हिरासत में भी ले सकती है।