व्यवस्थाओं में सुधार और सरकारी योजनाओं का ठोस क्रियान्वयन प्रमुख प्राथमिकता: कमलनाथ

भोपाल (उत्तम हिन्दू न्यूज): मध्यप्रदेश के नवनिुयक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि राज्य सरकार के प्रमुख के नाते उनका मुख्य जोर व्यवस्थाओं में सुधार लाने और सरकारी योजनाओं के ठाेस क्रियान्वयन पर रहेगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि वे हमेशा व्यवस्था में सुधार के हिमायती रहे हैं। जब वे केंद्र सरकार में मंत्री थे, उस समय भी व्यवस्था में कई परिवर्तन करके बेहतर परिणाम हासिल किए थे। यही कार्य वे इस राज्य में भी करेंगे। 

कमलनाथ ने उदाहरण दिया कि राज्य में अनेक ऐसे विभाग और निगम मंडल हैं, जो काफी पुराने हैं। अनेक विश्वविद्यालय हैं। इसी तरह अनेक नियम भी हैं। इन सभी में सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के (डिलेवरी सिस्टम) क्रियान्वयन में काफी सुधार की जरूरत है और इसे भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई योजना विशेष हितग्राहियों को संपूर्ण लाभ दे पा रही है या नहीं। अथवा ऐसा तो नहीं है कि हितग्राही को योजना का लाभ रिश्वत देने पर मिल रहा है। इन सब चीजों पर नजर रखकर व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य के चहुंमुंखी विकास और व्यवस्था में सुधार के लिए लोगों के 'माइंड सेट' में भी परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। इस दिशा में भी कार्य किया जाएगा। विकास कार्यों और कांग्रेस के वचनपत्र में दिए गए वचनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों को जुटाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संकेत दिए कि सरकारी खर्चों में कटौती की जाएगी। राज्य कोषालय पर ऋण का भार कम हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा नए संसाधन जुटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

राज्य में पंद्रह वर्षों बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी कमलनाथ की अगुवायी में ही हुयी है और वे मुख्यमंत्री के रूप में 17 दिसंबर को यहां जंबूरी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेंगे। अनुभवी नेता कमलनाथ को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने इसी वर्ष अप्रैल माह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जिम्मा उनके हवाले कर दिया था। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं से समन्वय बिठाकर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित की।