Saturday, February 16, 2019 03:23 PM

अगर आप भी हैं ATM यूजर तो हो जाईये सावधान

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): आज के दौर में डिजिटलाईजेशन से जहां एक ओर लोगों का काम आसान हो गया है, वहीं दूसरी ओर धोखाधड़ी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। धोखाधड़ी करने के लिए शरारती तत्त्व भी तकनीक का सहारा लेते हैं, जिस कारण आम जनता को भी इसके प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। इसी तरह के ही एक तरीके से आजकल कई लोगों को चुना लगाया जा रहा है। वह तरीका है एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करना।

 फिशिंग में साइबर क्रिमिनल, कार्ड धारक के बैंक की ईमेल आईडी से मिलती-जुलती एक फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करते हैं. उस फर्जी ई-मेल आईडी को कस्टमर को भेजकर सीक्रेट डेटा मंगाते हैं.

एटीएम लोगों की रोजमर्रा की जिन्दगी का हिस्सा बन गया है, क्योंकि इसकी मदद से आप कहीं भी आसानी से पैसे निकलवा सकते हैं या भुगतान कर सकते हैं। लेकिन अगर आप एटीएम का रोज इस्तेमाल करते हैं तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है।

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दरअसल यह पूरा मामला, कार्ड क्लोनिंग का है। इसमें जालसाज़ लोग किसी डेबिट कार्ड का क्लोन बना लेते हैं, यानी वैसा ही एक डुप्लीकेट कार्ड तैयार कर उसका इस्तेमाल करते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो होटल, पेट्रोल पंप, मेडिकल जैसे कई जगहों पर आपके साथ धोखा हो सकता है। स्किमिंग, क्लोनिंग, फिशिंग से आपके डाटा की चोरी भी हो सकती है।

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उनके मुताबिक कई तरह की कार्ड स्किमर डिवाइस होती हैं जिनके अंदर क्रेडिट-डेबिट कार्ड स्वाइप करने पर उस कार्ड की सारी जानकारी आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में आ जाती है। इसके बाद एक खाली कार्ड लिया जाता है और एडवांस्ड तरह के प्रिंटर के जरिए क्लोन किए गए कार्ड की सारी जानकारी उस कार्ड के ऊपर प्रिंट कर दी जाती है। कई बार तो हूबहू असली कार्ड के जैसा डुप्लीकेट या क्लोन्ड क्रेडिट-डेबिट कार्ड तैयार कर लिया जाता है।

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दरअसल, क्रेडिट कार्ड को मशीन से स्वाइप करने के दौरान ही कार्ड की मैगनेटिक स्ट्रिप पर दर्ज सारे डेटा को चुरा लिया जाता है। इसके बाद डुप्लिकेट कार्ड तैयार कर जालसाज शॉपिंग कर लेते हैं।

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