अगर केंद्र सरकार को किसानों की वास्तव में चिंता है तो काले खेती कानून तुरंत रद्द करे : परनीत कौर

नई दिल्ली/चंडीगढ़ (प्रेम विज) : संसद में आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की तरफ केंद्र सरकार की किसानों की भलाई प्रति वचनबद्धता के बयान को हास्यप्रद करार देते पटियाला से लोग सभा मैंबर परनीत कौर ने कहा कि यदि केंद्र सरकार सचमुच ही किसानों की भलाई के लिए वच्चनबद्ध है तो वह पिछले तीन महीनों से काले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की बात क्यों नहीं सुन रही।

उन्होंने बताया कि 2021 का बजट शुरू करते वित्त मंत्री का ऐलान, कि गेहूं, धान और दालों की खरीद के लिए सरकार के खर्चा में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है, की किसानों के प्रति भलाई के लिए चिंता दिखाने की कोशिश करना बेहद हास्यप्रद है, क्योंकि यह बहुत दुखदायी है कि वही किसान दिल्ली की सरहदों पर बैठा आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के अगस्त में संसद सैशन दौरान किये दावों के बिल्कुल उलट है, क्योंकि आज किसान अपने अधिकारों और सच्चा मांगों के लिए लड़ाई लड़ रहा है।

पटियाला से संसद मैंबर ने  कहा कि यदि केंद्र सरकार सचमुच ही किसानों की भलाई के लिए वचनबद्ध है तो यह किसान विरोधी काले कानून तुरंत रद्द किए जाएं।