साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाला आसिफ कैसे बना आशु बाबा, जानिए हकीकत 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : महिला और उसकी 16 वर्षीय बेटी के साथ गैंगरेप का आरोप झेल रहे स्वयंभू बाबा आशु भाई के बारे में एक के बाद एक नए खुलासे सार्वजनिक हो रहे हैं। दल्ली के पॉश इलाके हौज खास में अपना आश्रम बनाने वाला आशु बाबा नाम बदलकर हिन्दुओं की आंखों में धूल झोंक रहा था। दरअसल, बाबा मुसलमान था लेकिन वह हिन्दू धर्मगुरु लोगों को बेवकूफ बना रहा था। आशु बाबा का असली नाम आसिफ खान है लेकिन ज्योतिषी बन कमाई करने के इरादे से वह अपना नाम बदलकर आशु भाई बन गया था। यही नहीं वह लोगों से कर्मकांड के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। 

सूत्रों के मुताबिक सोमवार को पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से ही आसिफ खान फरार चल रहा है। आसिफ खान के आशु बाबा बन लोगों को ठगने का सफर भी खासा रोचक है। 1990 के शुरुआती दौर में वह वजीरपुर की जेजे कॉलोनी में एक साइकल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। इसके कुछ दिन बाद वह उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में शिफ्ट हो गया और वहां ज्योतिषी के तौर पर काम करने लगा। देखते ही देखते लोग उसके अनुयायी हाने लगे और एक साइकल रिपेयर करने वाला आसिफ बाबा बन बैठा।  

कुछ दिनों के बाद आसिफ खान ने अपनी दुकान बंद कर दी और नाम कमाने के लिए टेलिविजन चैनलों के संपर्क में आया। टीवी कार्यक्रमों में वह लोगों के बैड लक को खत्म करने का दावा किया करता था। अपने प्रमोशनल विडियोज में वह ट्रक ड्राइवर और रिक्शा वाले को अपने आशीर्वाद से लखपति बन जाने के दावे किया करता था। इसके चलते हरियाणा और यूपी में भी उसके तमाम अनुयायी हो गए थे। 

दिल्ली के पहाडग़ंज की ही दो महिलाओं ने मंगलवार को दावा किया था कि चैनल पर आशु बाबा को देखने के बाद वह उसकी फॉलोअर हो गई थीं। उन्होंने जब उससे मुलाकात करनी चाही तो पहली मीटिंग की 25,000 रुपये फीस बताई गई थी। एक महिला ने बताया, हम उसके हौज खास स्थित आश्रम में मुलाकात करने के लिए गए थे। लेकिन उस वक्त हमें झटका तब लगा, जब यह पता चला कि उसके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
 

Related Stories: