हिन्दू नेताओं का कत्ल

लोकसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान आज होने जा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले और घोषणा के बाद कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों व बसपा व सपा सहित वह सभी दल जो भाजपा के विरोध में खड़े हैं, सब एक ही बोली बोलते दिखाई दे रहे है कि भाजपा ने हिन्दुत्व को प्राथमिकता देते हुए अल्पसंख्यकों की अनदेखी की है और देश में साम्प्रदायिकता को बढ़ाया है। इस कारण भाजपा देश की धर्मनिरपेक्षता की भावना को कमजोर कर रही है।

धरातल का सत्य यह है कि देश के बहुमत हिन्दू समाज के नेताओं पर हमले कर उन्हें मौत के घाट उतारा जा रहा है। कुछ दिन पहले पंजाब के गुरदासपुर जिले में शिवसेना बाल ठाकरे के नेता की गोली मारकर हत्या की गई थी अब जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता और छत्तीसगढ़ में भाजपा के विधायक की गोली मार कर हत्या करने के समाचार ने देश में दहशत का माहौल बना दिया है।

जम्मू में किश्तवाड़ के जिला अस्पताल में आरएसएस से जुड़े व वहां बतौर मेडिकल अस्सिटेंट नियुक्त चंद्रकांत सिंह को बुर्का ओढ़े आये एक आतंकी ने पहले उनके सुरक्षा कर्मी पर गोली चलाई उसके बाद चन्द्रकांत पर गोलियां दाग दी। आतंकी सुरक्षा कर्मी का हथियार भी साथ ले गया। पिछले वर्ष नवम्बर में ही भाजपा नेता अनिल परिहार की भी किश्तवाड़ में हत्या की गई थी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक के वाहन को विस्फोट कर उड़ा दिया। इस घटना में विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई है तथा चार जवान शहीद हो गए हैं। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों अनुसार जिले के कुआकोंडा क्षेत्र के श्यामगिरी के करीब नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दंतेवाड़ा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भीमा मंडावी के वाहन को उड़ा दिया। इस घटना में मंडावी की मौत हो गई तथा चार जवान भी शहीद हो गए। नक्सलियों ने विस्फोट के बाद गोलीबारी भी की। अधिकारियों ने बताया, भीमा मंडावी का काफिला बचेली से कुआकोंडा की ओर रवाना हुआ था। काफिला जब श्यामगिरी के करीब था तब नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, जांच चल रही है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक के काफिले पर हुए हमले में जो आईईडी धमाका किया गया, उसमें नक्सलियों ने करीब 40 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया था। सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने काफिले में शामिल वाहन को जिस जगह निशाना बनाया, वहां एक बड़ा गड्ढा हो गया है। इसमें जांचकर्ताओं को धमाके में भारी मात्रा में विस्फोटक इस्तेमाल करने का संदेह है। विशेष डीजी (नक्सल रोधी अभियान) डीएम अवस्थी ने बताया कि हमले में शहीद हुए जवानों की पहचान कर ली गई है। संघ नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ राजिंदर की हत्या करने वाले आतंकियों की संख्या दो थी। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने वारदात से पहले पूरी रेकी की है। उन्हें इसकी पूरी जानकारी थी कि संघ नेता ओपीडी में हैं और कुछ देर में निकलेंगे। इसी आधार पर तत्काल आतंकी ओपीडी में पहुंच गए। सूत्रों का कहना है कि दोनों आतंकी चारदीवारी फांदकर जिला अस्पताल परिसर में घुसे थे। उन्होंने बैग में एके 47 राइफल रखी थी। आरएसएस नेता को देखते ही उन्होंने हथियार निकाल कर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। वारदात के बाद आतंकी चारदीवारी फांदकर ओम मेहता रोड से होते हुए भाग निकले। यह रास्ता आसपास के कई गांवों को जोड़ता है। इस दौरान मोटरसाइकिल के इस्तेमाल किए जाने का शक है। चारदीवारी कई जगह से खुली हुई है।

अतीत में मत प्राप्त करने के उद्देश्य से हिन्दू आतंकवाद की बात कही गई थी जबकि कटु सत्य यह है कि हिन्दोस्तान में सबसे अधिक किसी समाज की भावनाओं का अपमान होता है तो वह हिन्दू समाज ही है। आतंकियों के निशाने पर भी हिन्दू नेता ही हैं। हिन्दुओं के मनोबल को तोडऩे व हिन्दू संगठनों कोकमजोर करने का कार्य तो आजादी के तत्काल बाद से ही शुरू हो गया था। तुष्टिकरण की नीति पर चलते हुए सत्ता सुख प्राप्त करने वालों ने बहुमत समाज की अनदेखी ही की। भाजपा व शिवसेना बाल ठाकरे के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर शायद ही किसी अन्य दल ने हिन्दू हित की बात की हो।

आज राष्ट्रवाद को हिन्दूवाद से जोड़ते हुए कई दल राष्ट्रवाद का ही विरोध करने लगे हैं। विरोध के लिए विरोध करते हुए वह अपनी सीमा रेखा भी पार कर जाते हैं। मोदी सरकार ने हमेशा 130 करोड़ भारतीयों को सम्मुख रख अपनी नीतियां बनाई हैं लेकिन उन पर हिन्दूवादी होने का आरोप लगाने से विपक्षी दल आज भी नहीं टले।

हिन्दू बनाम हिन्दू की लड़ाई युग युगांतर से चली आ रही है, इसलिए विभाजन के बाद भी बहुमत आने के पश्चात भी हिन्दू कमजोर ही है क्योंकि वह राजनीतिक रूप से संगठित नहीं है। जाति, समुदाय और भाषा के नाम पर विभाजित हिन्दू समाज को देश व विदेश दोनों स्तर पर तभी सम्मान मिल सकेगा जब समाज एकजुट होकर विरोधियों का सामना कर सकने की स्थिति में होगा। समाज व सरकार दोनों को अपने-अपने स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए आतंक व नक्सलवाद के विरुद्ध जन साधारण को लडऩे व जागृत करने की आवश्यकता है। सरकारों को हिन्दू नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि हिन्दू नेताओं के कत्ल रुक सकें।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।