यहां खूबसूरत लड़कियां को नहीं मिल रहा उनके सपनों का राजकुमार, इस वजह से करीब नहीं आते लड़के

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): आमतौर पर हमको ये सुनने को मिलता हैं कि आज के समय में धीरे-धीरे लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले बहुत कम होती जा रही है और इसके पीछे कोई और वजह नहीं बल्कि लिंगानुपात की समस्याएं ही ज्यादातर देखी जाती हैं। इसके अलावा जिस तरह से लड़कियों के साथ गलत चीजें हो रही हैं उसकी वजह से भी काफी हद तर लड़कियों की संख्या में गिरावट आ रही है। इसके अलावा और भी कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आज हम इस बारे में बात नहीं करें। आज हम आपको विदेश के एक ऐसे गांव के बारे में बता रहे है जहां पर लड़कियों आपनी शादी के लिए सपनों के राजकुमार को तरस रही है।

Looking at the beautiful girl, the bridegroom started doing such an act, the

जी हां... वो जहां रहती है वहां कोई भी लड़का नहीं है, जिससे वो शादी कर सके, जिसके चलते वो अपनी शादी और लड़कों के लिए तरस रही है। हम बात कर रहे हैं ब्राजील के नोइवा में स्थित एक कस्बे की। पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गांव है और यहां रहने वाली खूबसूरत महिलाएं प्यार के लिए तरसती हैं। ऐसे ही ब्राजील के इस नोइवा दो कोरडेएरो कस्बे में भी हैं। यहां करीब 600 महिलाओं वाले इस गांव में अविवाहित पुरुषों का मिलना बहुत मुश्किल है और शादी के लिए यहां की लड़कियों की तलाश अधूरी है।

यहां ऐसी हजारों लड़कियां हैं जिन्हें आज भी अपने सपनों के राजकुमार का इंतजार है। ब्राजील के कोरडयरो गांव में लड़कियों की नहीं बल्कि लड़कों की संख्या कम है। इसी वजह से इस गांव में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की ज्यादा चलती है। खेती और पशुपालन से संबंधित काम भी यहां लड़कियां ही करती हैं। यहां रहने वाली नेल्मा फर्नांडिस ने बताया था कि कस्बे में शादीशुदा मर्द हैं या फिर कोई रिश्तेदार। कस्बे में रहने वाली कुछ महिलाएं शादीशुदा हैं, लेकिन उनके पति भी साथ नहीं रहते। ज्यादा महिलाओं के पति और 18 साल से बड़े बेटे काम के लिए कस्बे से दूर शहर में रहते हैं। यहां खेती-किसानी से लेकर बाकी सभी काम कस्बे की महिलाएं ही संभालती हैं।

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इस गांव में महिलाओं की संख्या 600 है। हालांकि शादी के लिए यहां की खूबसूरत महिलाएं कस्बे को छोडक़र नहीं जाना चाहती। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वहां की लड़कियां चाहती हैं कि शादी के बाद लडक़ा उनके कस्बे में आकर उन्हीं के नियम-कायदों का पालन कर रहे। इस गांव में शादीशुदा पुरुषों की संख्या भी काफी कम है। इसलिए वो चाहती है कि मर्द ही उनके साथ आकर रहें। कस्बे की महिलाओं में ज्यादातर की उम्र 20 से 35 साल के बीच है।