Tuesday, November 20, 2018 07:00 PM

गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश, मलबे में दबे वाहन

शिमला (पी.सी. लोहमी) : राजधानी शिमला में गुरूवार को तेज हवा, गरज और चमक के साथ बादल जोरदार तरीके से बरसे और शहर की रफ्तार थम गई। जोरदार बारिश ने जनजीवन पर खासा प्रभाव डाला। शहर में सुबह के समय भले ही बादल मामूली बौछार के साथ उमड़ते-घुमड़ते रहे, लेकिन दोपहर होते-होते बादल जोर-शोर से गरजना शुरू हुए और तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। इससे मौसम ठंडा हो गया। व्यापक बारिश और तेज हवाओं से कई जगह भूस्खलन हुआ और पेड़ धराशायी हो गए।

वहीं कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप्प पड़ गई। सूबे के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी के समीप तीन वाहन भूस्खलन की चपेट में आ गए। दोपहर बाद आईजीएमसी से सटे डैंटल अस्पताल की पार्किंग में अचानक मलबा जा गिरा। इससे वहां खड़ी कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से एक कार को निकाल लिया, जबकि अन्य दबे वाहनों को भी निकालने का कार्य जारी है। गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में आने वाले वाहनों में कोई मौजूद नहीं था। भूस्खलन से कुछ समय तक आईजीएमसी-संजौली मार्ग भी अवरूद्व रहा, इससे आईजीएमसी आने-जाने वाले मरीजों को खासी परेशानी हुई। हालांकि शाम तक मार्ग को बहाल कर लिया गया। यही नहीं भूस्खलन के कारण ढली थाना अंतर्गत शनान के समीप भट्टाकुफर बाईपास (एनएच-5) भी बंद हो गया। हाईवे को बहाल करने में दो घंटे लग गए और हाईवे पर सेब से लदे ट्रकों व अन्य वाहनों का लंबा जाम लग गया। ओल्ड बस स्टैंड के समीप कृष्णा नगर में बारिश से एक पेड़ ध्वस्त हो गया, वहीं डंगा धंसने से कई रिहायशी घर खतरे की जद में आ गए हैं। मानसन की बारिश के कारण शहर में कई जगह बिजली भी गुल हो गई।  राजधानी में आसमानी बिजली के साथ जोरदार बारिश के बावजूद किसी तरह का जान-माल का बड़ा नुकसान न होने से राहत है। राज्य भर में भूस्खलन के कारण गुरूवार को 57 सडक़ें बंद रहीं।

शिमला जोन में सर्वाधिक 29 सडक़ें बंद हैं। इसके अलावा कांगड़ा जोन में 17 व हमीरपुर जोन में 11 सडक़ें अवरूद्व हैं। इन्हें बहाल करने के लिए लोकनिर्माण विभाग ने 120 जेसीबी, 33 टिप्पर और 11 डोजर तैनात किए हैं। लोकनिर्माण विभाग के एसई (वक्र्स) अजय गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को मौसम साफ रहा, तो 37 सडक़ों को खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन में बारिश से लोनिवि को 713 करोड़ का नुकसान पहुंच चुका है। इस बीच मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने 10 सितंबर तक राज्य में रूक-रूक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उंचे पर्वतीय इलाकों में हिमपात के भी आसार हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि शिमला में आज दिन भर 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं शिमला से सटे सुन्नी में 34 और फागू व चायल में 30 मिमी बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि बीते 24 घंटों के दौरान कुल्लू जिले के बंजार में 32, मनाली में 15, सराहन में 14 और भरवीं में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

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