बाढ़ आपदा प्रबंधन में केंद्र सरकार कर रही है मददः हर्ष शर्मा

लुधियाना (प्रतीक जैन)-  भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट हर्ष शर्मा ने आज पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में प्रदेशभर में बाढ़ से हुए नुक्सान पर गहरी चिंता व्यक्त की और प्रदेश सरकार द्वारा किए राहत कार्यों को नाकाफी करार देते हुए निजी तौर पर यथासंभव सहयोग करने की अपील की। हर्ष शर्मा ने कहा कि मीडिया /सोशल मीडिया के एक तबके में ऐसा प्रचार किया जा रहा है कि इस आपदा में केंद्र की भाजपा नीत एन.डी.ए. सरकार द्वारा कोई सहयोग नहीं किया गया जोकि बिल्कुल झूठ और आधारहीन है।

 

इस संबंध में हर्ष शर्मा द्वारा आंकड़े भी जारी किए गए। उन्होंने बताया कि डिसास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005  की धारा 48 (1)(a) के मुताबिक हर प्रदेश में स्टेट डिसास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) का गठन किया हुआ है जिसके तहत हर प्रदेश को हर साल प्राकृत आपदाओं से निपटने के लिए एक निश्चित राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की  जाती  है। इस फंड में 75 प्रतिशत योगदान केंद्र और 25 प्रतिशत योगदान संबंधित प्रदेश सरक़ार द्वारा देना होता है। इस फंड की देखरेख संबंधित प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के अधीन रहती है। इसके अधीन पंजाब सरकार को साल 2015-16 में 390  करोड़, 2016-17 में 409  करोड़, 2017-18 में  430 करोड़, 2018-19  में 451 करोड़ (प्रदेश के हिस्से को जोड़कर) जारी किए जा चुके हैं  और 2019-20 में 474 करोड़ पहले ही मंजूर है जिसमे से केंद्र के हिस्से के 355.50 करोड़ में से 135.30 करोड़ जून  महीने में जारी हो चुके हैं।

 

इसके अतिरिक्त 2005 एक्ट के मुताबिक जो राशि उस साल में खर्च नहीं होती उसे केंद्रीय प्रतिभूति (सेंट्रल सिक्योरिटीज) में जमा करवाया जाता है जिसे जरूरत पढ़ने पर कॅश करवाया जा सकता है। हर्ष शर्मा ने बताया कि इसके मुताबिक पुछले पांच सालो में अबतक कुल 2154 करोड़ की राशि बनती है। इसके अतिरिक्त भी अगर आपदा विकराल रूप लेती है तो केंद्र सरकार  इस मंज़ूर राशि के अतिरिक्त भी फण्ड जारी  कर सकती है। हर्ष शर्मा  ने कहा कि इस सबके बावजूद प्रदेश की कप्तान सरकार द्वारा मात्र 100 करोड़ ही जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मान लेना चाहिए कि उनका तंत्र और प्रबंधन बाढ़ आपदा से निपटने में विफल रहा है जिसमे केवल उनका ही दोष है। इस अवसर पर लवली थापर, रमन सूद, हिमांशु सनी, माधव शर्मा, ऋषभ अरोड़ा, कारण थापर इत्यादि उपस्थित थे।