जेल से राम रहीम को बाहर निकालने की जल्दबाजी में हरियाणा सरकार, खुद सीएम ने की पैरोल की पैरवी

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): बलात्कार के दो मामलों में 20 साल की सजा काट रहा गुरमीत राम रहीम ने जेल से बाहर आने के लिए खेती को लेकर 42 दिनों की पैरोल मांगी है जिसमें अब उसे हरियाणा सरकार का भी साथ मिल गया है। नियमों को ताक पर रखकर राम रहीम को जेल से बाहर लाने की कवायद देखी जा सकती है। हरियाणा सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, जेल मंत्री कृष्ण पवार और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी खुद गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने की पैरवी की है। राम रहीम को लेकर अनिल विज ने तो यहां तक कह दिया कि राम रहीम को एक आम इंसान के अधिकार के चलते पैरोल पाने का हक है।

पैरोल पाने के लिए जो नियम हैं उसके मुताबिक दो साल की सजा पूरी करनी होती है लेकिन राम रहीम को अभी दो साल नहीं हुए हैं। उसके पहले पैरोल के लिए अर्जी दाखिल कर दी गई है। इतना ही नहीं सुनारिया जेल प्रशासन ने दो साल की अवधि पूरी होने से पहले ही पैरोल के आवेदन को स्वीकार कर यह साबित कर लिया है। इस बात से आप अंदाजा लगा सकते है कि बाबा का दबदबा आज भी कायम है।

बता दें कि राम रहीम हरियाणा के रोहतक में सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। उसकी पैरोल याचिका पर पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि गुरमीत राम रहीम सिंह सजायाफ्ता है और जेल में बंद है। उन्होंने जारी किए गए पत्र में लिखा है कि सीबीआइ कोर्ट द्वारा राम रहीम के विरुद्ध 12 दिसंबर 2002 को दर्ज केस में सजा सुनाई गई है और जुर्माना भी किया गया है। उसे दो मामलों में दस-दस साल की सजा जेल में भुगतनी है। इसके अलावा एक अन्य केस में भी राम-रहीम को आजीवन कारावास व जुर्माना हुआ है इसके साथ ही पंचकूला कोर्ट में दो अन्य केस भी विचाराधीन है। ऐसी स्थिति में उसने बिखरे हुए डेरा सच्चा सौदा में दोबारा जान फूंकने के लिए पैरोल मांगा है।