व्यंग्य की महापंचायत में गुरमीत बेदी करेंगे हिमाचल का प्रतिनिधित्व

ऊना (ममता भनोट): देश के जाने-माने व्यंग्यकार कवि व कथाकार गुरमीत बेदी रविवार 23 जून को दिल्ली के हिंदी भवन में सजने वाली व्यंग्य की महापंचायत व कवि -कथा संगोष्ठी में न केवल हिमाचल , पंजाब , हरियाणा व चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे बल्कि इस संगोष्ठी के दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि भी होंगे। प्रख्यात कथाकार व लोकायत पत्रिका के संपादक बलराम इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे। 
   
यह आयोजन माध्यम साहित्यिक संस्थान व युवा उत्कर्ष साहित्य मंच दिल्ली एनसीआर के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है और इसमें देश के विभिन्न राज्यों से व्यंग्यकार, कवि व कथाकार शामिल होंगे। व्यंग्य की महापंचायत के प्रथम सत्र की अध्यक्षता देश के शीर्षस्थ व्यंग्यकार सुभाष चन्द्र करेंगे । यह जानकारी माध्यम साहित्यिक संस्थान दिल्ली एनसीआर के अध्यक्ष राम किशोर उपाध्याय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी है।

लंबे समय तक ऊना में डीपीआरओ रहे गुरमीत बेदी हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उपनिदेशक हैं और चंडीगढ़ स्थित राज्य सरकार के प्रेस संपर्क कार्यालय में तैनात हैं। साहित्य की विभिन्न विधाओं में एक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिख चुके गुरमीत बेदी को हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी पुरस्कार सहित देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। 

गुरमीत बेदी मारीशस व जर्मनी के बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड पोएट्री फेस्टिवल में भी भाग लेकर हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित कर चुके हैं। उनके कविता संग्रह "मेरी ही कोई आकृति"  का जर्मन कवियत्री  रोजविटा ने जर्मनी में भी अनुवाद किया है। बेदी के उपन्यास " खिला रहेगा इंद्रधनुष"  पर एक टेली फिल्म भी बन रही है और एस्ट्रोलॉजी साइंस पर उनकी एक शोध पुस्तक शीघ्र आ रही है। गुरमीत बेदी की व्यंग्य विधा में तीन पुस्तकें - इसलिए हम हंसतेे हैं,  नाक का सवाल व खबरदार जो व्यंग्य लिखा शीर्षक से प्रकाशित हो चुकी हैं। देश के प्रमुख समाचार पत्रों में उनकेे व्यंग्य के  कॉलम बड़ेे चाव से पढ़े जाते हैं।