सरकार दे स्कॉलरशिप का पैसा तो 10 हजार बैड की हम करेंगे व्यवस्था

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ अनएडिड कॉलेज संस्था ने रखी सरकार के आगे पेशकश
पंजाब पीएमएस भुगतान में एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि से भी पिछड़ा

जालंधर (सौरभ खन्ना)- लंबे समय से पंजाब सरकार से अपने स्कॉलरशिप के 309 करोड़ रुपए की मांग कर रही कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ अनएडिड कॉलेज संस्था ने सरकार के सामने एक पेशकश रखी है। संस्था का कहना है कि अगर सरकार उन्हें स्कॉलरशिप के 309 करोड़ रूपए दे तो वह इसमें से कोविड-19 के बढ़ते प्रभावों को मद्देनजर 10 हजार बैड लगाने की व्यवस्था कर सकते हैं। एक प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुए कॉन्फ़ेडरेशन के चेयरमैन अश्वनी सेखड़ी व अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने कहा कि कोविड 19 के कारण जो हालात पंजाब में बन रहे हैं, उससे लगता है कि आगे चलकर लोगों की सुरक्षा के लिए बैड, ऑक्सीजन व नर्सिंग स्टाफ की जरूरत पड़ सकती है। अगर सरकार हमें यह 309 करोड़ रुपए स्कॉलरशिप के देती है तो हम 10 हजार बैड लगाने के साथ-साथ ऑक्सीजन व नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था भी करेंगे। इससे लोगों को फायदा तो होगा ही साथ में हमारे स्कूल व कॉलेजों के स्टाफ को भी वेतन मिल सकेंगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के लगभग 1600 कॉलेज पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस) के वितरण में कई अन्य राज्यों की तुलना में बहुत पीछे है। इसक कारण कई स्कूल और कॉलेजों में 3-4 महीने का वेतन लंबित हो चुका है व बहुत से स्कूल और कॉलेज एनपीए हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी यह बात मान लेती है तो इससे पंजाब के लोगों को फायदा तो होगा ही साथ में उनके स्कूल व कॉलेज स्टाफ को भी सैलरी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब पीएमएस भुगतान में एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि से भी पिछड़ा चुका है। कॉन्फ़ेडरेशन ने केंद्र और राज्य सरकार से पिछले 4 वर्षों के पीएमएस के लगभग 1850 करोड़ का वितरण करने का आग्रह किया हैं। इस अवसर पर कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ पॉलिटेक्निक कॉलेज के अध्यक्ष विपिन शर्मा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन चोपड़ा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ नर्सिंग कॉलेज के अध्यक्ष संजीव चोपड़ा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष तलविंदर सिंह राजू, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ मैनेजमेंट कॉलेज के अध्यक्ष डॉ.अनूप बोरी, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ फार्मेसी कॉलेज के अध्यक्ष दीपक मित्तल, कासा से जोधराज गुप्ता, सुखजिंदर सिंह, संजीव मरिया, डॉ. सर्व मोहन टंडन आदि उपस्थित रहे।

छात्रवृत्ति के लिए तिथि निर्धारित करने का किया आग्रह
जालंधर। अश्वनी सेखडी ने सवाल किया कि जब अन्य राज्य समय से छात्रवृत्ति राशि का वितरण कर सकते हैं तो योजना के अनुसार पंजाब क्यों नहीं कर सकता है? इसके अलावा जब सरकार ने दाखिलों, परीक्षाओं आदि के लिए तिथियां निर्धारित कर दी हैं, तो छात्रवृत्ति वितरण के लिए ऐसी तारीखें क्यों नहीं? सेखड़ी ने सुझाव दिया कि इस समस्या को दूर करने के लिए, राज्य को बिहार सरकार की तर्ज पर छात्रों के लिए भी क्रेडिट कार्ड योजना को अपनाना चाहिए।