कृषि विधेयक को फौरी तौर पर वापस ले सरकार : राजीव शुक्ला

शिमला (पी.सी.लोहमी): हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने मोदी सरकार से कृषि विधेयक को फौरीतौर पर वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीएम बेशक बोल रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त नहीं होगा, मगर बिल में इसका प्रावधान नहीं है। शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में ेरोजगार , किसान सभी केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों से परेशान हैं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं को एकजुटता से काम कर पार्टी को 2022 के विधान सभा चुनाव में सत्ता में लाना है। शुक्ला शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कृषि बिल के खिलाफ देश भर में किसान और कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। सभी बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हंै। उन्होंने कृषि संशोधन विधेयक को किसान विरोधी करार दिया और कहा कि इस बिल के आने से देश का किसान तबाह हो जाएगा। किसानों को बड़ी बड़ी कंपनियां कौडिय़ों  के भाव उत्पाद बेचने पर मजबूर करेगी। किसानो को अपने उत्पाद अपनी मर्जी से बेचने का प्रावधान हो और किसानों के उत्पादों का न्यूनतम मूल्य दिया जाए और किसानो को अपने उत्पाद बेचने के छूट दी जानी चाहिए। शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री बोल रहे है कि न्यूनतम मूल्य तह किया जाएगा लेकिन कानून में प्रवाधान नही किया गया है ऐसे में अफसर नही मानेगे तो किसानों को बाद में कहा जाएगा कि ये तो जुमला था।