तय समय पर पंचायतों के चुनाव करवाए सरकार: मुकेश

ऊना (रविंद्र तेजपाल): नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों के चुनाव तय समय पर करवाए। अगर बिहार में कोरोना काल के दौरान चुनाव हो सकते हैं तो हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव क्यों नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे, क्योंकि छन-छनकर खबरें आ रही हैं कि सरकार पंचायतों के चुनाव टालने की तैयारी में है, ताकि पंचायतों में प्रशासक लगाकर पंचायतों पर कब्जा कर सके। मुकेश ने कहा कि पंचायती राज एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पंचायतों की टर्म को बढ़ाया जा सके। ऐसे में वहां प्रशासक तैनात करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

सरकार चोर दरवाजे से प्रशासक बिठाने के बारे में सोच रही है। सारी पंचायतों से जब चुने हुए प्रतिनिधि हटेंगे तो सारा तंत्र सरकार के अफसरों के हाथ में या फिर सरकार द्वारा नोमिनेटिड कमेटी के हाथ में चला जाएगा। सरकार स्पष्ट करे कि पंचायत चुनाव को लेकर उसका क्या रुख है। मुकेश ने यह भी कहा कि आर्थिक तंगी के इस दौर में सरकार नई पंचायतें गठित करने का प्रयास न करे। सरकार के पास 1000-1200 आवेदन नई पंचायतों के गठन को लेकर आए हैं। नई पंचायतों के गठन और उनके संचालन पर जो खर्च होगा वह करोड़ों रुपये में होगा। हर पंचायत में पंचायत घर बनेगा, पंचायत सचिव भी रखे जाएंगे। सरकार अगर 500 पंचायतों का गठन भी करती है तो सरकार पर 500 करोड़ का अतिरिक्त बोझ हो जाएगा। 

प्रदेश एंट्री पास बंद-ट्रेन का रास्ता खुला : कोरोना से निपटने की बजाए प्रदेश सरकार का पूरा फोकस वर्चुअल रैलियों के आयोजन पर है। जिस कारण सरकार यह नहीं समझ पा रही कि कोरोना के बढ़ते मामले रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं। यही वजह है कि सरकार ने प्रदेश एंट्री पास जारी करने पर तो रोक लगा दी है, लेकिन रोजाना जनशताब्दी आ रही है और बिना पास के लोग हिमाचल में प्रवेश कर रहे हैं। बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्होंने पास के लिए अप्लाई किया, लेकिन पास रद होने के बाद वे चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठे और आराम से अपने घर पहुंच गए।

इस प्रकार जो वीआईपी लोग हैं उनके लिए प्रदेश में दाखिल होने के रास्ते निकाले जा रहे हैं। कोरोना संकट के तीन महीने से ऊपर हो गए हैं, सरकार की जो नीतियां हैं उनका विजन स्पष्ट नहीं हो पाया है। होम क्वारंटाइन को लेकर या इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखने के बारे में बार-बार सरकार के आदेश बदल रहे हैं। मुकेश ने कहा कि यह कोई आपातकाल नहीं है, यह मेडिकल प्रॉब्लम है, इसे ठीक करने के लिए सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। इसमें सरकार पूरी तरह से विफल रही है, इसीलिए आज प्रदेश में ऐसी स्थिति पैदा हुई है।