पंचायती जमीन पर धान पाबंदी के निर्णय को भी वापिस ले सरकार : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

11:00 AM Jun 02, 2020 |

कुरुक्षेत्र (सरबजोत दुग्गल): पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश सरकार की नीतियां अस्थिर और किसान विरोधी रही हैं। इसी वजह से महामारी से लडऩे के लिए सरकार को सहयोग देने के साथ विपक्ष को कई बार उसकी नीतियों का विरोध भी करना पड़ा। लगातार विरोध करने के बाद आखिरकार सरकार ने धान पाबंदी का फैसला वापिस लिया। मगर अभी भी पंचायती जमीन पर पाबंदी है। सरकार पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाथी तो निकल गया, लेकिन अब सरकार उसकी पूंछ पकड़े बैठी है। सरकार को कम से कम महामारी के दौर में पंचायती जमीन पर पाबंदी को वापिस लेना चाहिए। किसान और पंचायतों पर बंदिशें लगाने की बजाए सरकार को भूजल संरक्षण के लिए दादूपुर-नलवी जैसी परियोजना को फिर से शुरू करना चाहिए।

वे पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा द्वारा बुलाई गई प्रैसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान भूजल के लिए बनाई गई योजनाओं को गिनवाया। हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार को भी कांग्रेस कार्यकाल की तरह राखसी नदी, सरस्वती नदी, खंड नाला, ओटू झील सिरसा, बीबीपुर झील, कोटला झील मेवात, तालाब, ड्रेन और नहरें खुदवाने के काम करने चाहिए। सरकार ऐसा करने की बजाए पहले से जारी दादूपुर-नलवी, ड्रिप सिंचाई और ड्रिप पाइपलाइन अनुदान जैसी परियोजनाओं को बंद करने में लगी है। इस बार मानसून लंबा चलने की उम्मीद है, इसलिए पहले से ही बारिश के पानी को संचय करने की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। सरकार की कोशिश होनी चाहिए कि कोरोना की मार झेल रहे किसान को कोई दिक्कत पेश ना आए। उसे गेहूं और गन्ने की पेंडिंग पेमेंट का फौरन भुगतान करना चाहिए। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा भी जल्द देना चाहिए। पत्रकारों के सवाल पर चुटकी लेते हुए हुड्डा ने कहा कि अनिल विज हमारे पुराने साथी हैं, लेकिन अगर सरकार उनकी सुनते ही नहीं, तो वो बोलते ही क्यों हैं।

हालात ये है कि पुराने घोटाले का पूरा पर्दाफाश होने से पहले अब नया घोटाला अंजाम दिया जा रहा है। ठेकेदार शराब को मनमाने रेट पर बेच रहे हैं। सरकार की तरफ  से महज 10 से लेकर 50 रुपये प्रति बोतल रेट में बढ़ोत्तरी की गई है। मगर ठेकेदार 200 से 400 रुपये तक प्रति बोतल की ज्यादा वसूली कर रहे हैं। यहां तक की शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट तक नहीं लगाई जाती। उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में सरकार की तरफ से लगातार कर्मचारियों की छटनी की जा रही है। भर्तियां पूरी होने का इंतज़ार कर रहे युवाओं को नौकरियां नहीं दी जा रही है। टीजीटी इंग्लिश समेत 9 कैटेगरी की भर्तियों को रद्द करने की कोशिश हो रही है। पीजीटी संस्कृत के अभ्यार्थियों को ज्वाइनिंग नहीं दी जा रही है। रोजगार मुहैया करवाने वाले छोटे और मध्यम उद्योगों को अब तक कोई राहत नहीं दी गई। यही वजह है कि प्रदेश में आज बेरोजगारी दर 43 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कई जगह से शिकायत आ रहे हैं कि कोरोना मरीजों की सही से देखरेख नहीं हो रहे हैं। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। 

इस दौरान पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, पूर्व मंत्री हरमोहिंदर सिंह च_ा, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, विधायक मेवा सिंह,  बिशनलाल सैनी, धर्म सिंह छोक्कर, बलबीर वाल्मीकि, पूर्व विधायक सुल्तान सिंह जंडौला सहित अन्य मौजूद रहे।