कोरोना से निपटने में पूरी तरह नाकाम रही सरकार : मुकेश

ऊना (रविंद्र तेजपाल) : नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार कोरोना महामारी से निपटने में पूरी तरह से विफल हो गई है। जिस तरीके से सरकार ने इस महामारी को हैंडल किया, उसपर चर्चा की जरूरत है, इसके लिए सरकार विधानसभा का सत्र बुलाएं, ताकि लोगों के सामने सच्चाई आ सके। उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने के सीन से सरकार पूरी तरह से मिसिंग है।

मंत्रियों की कोई भूमिका इसमें नजर नहीं आ रही है। सरकार बताए कि पूरे प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए मंत्रियों की ड्यूटी लगाई थी, उन्होंने क्या किया? मुख्यमंत्री भी ओकओवर में बैठकर ही संचालन करते रहे और उन्होंने एक बार भी प्रदेश में घूमकर पता लगाने की कोशिश नहीं की कि प्रदेशवासियों की स्थिति क्या है? मुकेश ने कहा कि सरकार की लापरवाही से प्रदेश को बड़ा नुकसान हुआ है। सरकार कहां है, मंत्रिमंडल कहां है, अफसरों के सहारे प्रदेश को छोड़ दिया। मंत्री अपनी जाने बचाने में लगे हुए हैं। डीसी और एसडीएम के सहारे पूरे प्रदेश को छोड़ दिया। लोकतंत्र का यहां कोई अहसास ही नहीं होने दिया। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि प्रदेश का मंत्रिमंडल आज कहां है? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कोरोना पहुंच गया। वहां जो विधायकों के मकान हैं, वो भाजपा के विधायकों ने सबलेट किए हुए हैं। एमएलए के मकान सबलेटिंग में हैं और वहां विधानसभा के फ्लैट में व्यक्ति कोरोना हो गया। सरकार बताए कि ये लोग यहां किस कैपेसिटी में रह रहे थे और जो एक परिवार वहां ठहरा हुआ था, उसे ठहरने की इजाजत किसने दी? 

मुकेश ने कहा कि अब तो कोरोना भाजपा स्पांसर होता जा रहा है। पहले कहते थे जमात ने कोरोना फैला दिया, लेकिन अब तो कोरोना फैलाने वाले भाजपाई हैं। भाजपा के प्रवक्ता ने गैरजिम्मेदाराना तरीके से कोरोना को बढ़ाया। वो शिमला आए, किस काम के लिए आए? सचिवालय में उन्होंने प्रॉब्लम कर दी, हाईकोर्ट में और आईजीएमसी में उन्होंने प्रॉब्लम कर दी। यह सब करके वो वापस चले गए। अब सरकार बताए कि जिस प्रकार जमात के लोगों को डील किया जा रहा था क्या सरकार इन लोगों के साथ भी वैसे ही डील करेगी?