मजदूरों के लिए सरकार ने किया बड़ी योजना का ऐलान, 116 जिलों में मिलेगा रोजगार; 20 जून को उद्घाटन करेंगे PM

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): केंद्र सरकार ने देश के छह जिलों के 116 जिलों के प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए बड़ी योजना का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही देश के प्रवासी मजदूर अपने-अपने गांव वापस जाना चाहते थे। केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर कुछ व्यवस्थाएं की और वे अब वापस चले गए। हमने उन जिलों पर ध्यान दिया है, जहां वे बड़े पैमाने पर लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने 6 राज्यों में 116 जिलों में बड़ी संख्या में लौटे प्रवासी श्रमिकों के कौशल सेटों की सावधानीपूर्वक पहचान की है।

Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan: प्रवासी मजदूरों की ...

निर्मला सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन और उसके बाद अपने-अपने जिलों में वापस लौट चुके प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 20 जून को प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि हमने यह अनुमान लगाया है कि देश के छह राज्यों के 116 जिलों में बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूर वापस लौटे हैं। इनमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान शामिल हैं। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि इन छह राज्यों के 116 जिलों के प्रवासी मजदूरों को साल में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिन राज्यों के जिलों को चिह्नित किया है, उन प्रत्येक जिलों में करीब 25,000 प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान: गांवों ...

उन्होंने कहा कि देश के इन 116 जिलों के जिन प्रवासी मजदूरों को काम की जरूरत है, उन्हें गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत काम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सरकार की ओर से करीब 50,000 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसके लिए आवंटित राशि को जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान में 25 योजनाओं को शामिल किया गया है, जिसके तहत 116 जिलों के प्रवासी मजदूरों को 125 दिनों का काम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम 125 दिनों के अंदर उन सभी योजनाओं को उस स्तर तक लागू कर देंगे, जिसके तहत लोगों की जरूरत के अनुसार काम उपलब्ध कराया जा सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना की पहली प्राथमिकता अपने-अपने जिलों में वापस लौट चुके प्रवासी मजदूरों की जरूरत को तत्काल पूरा करने के लिए जल्द से जल्द आजीविका मुहैया कराना है।

लॉकडाउन में घर लौटे मजदूरों को मोदी ...

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान से गांवों में आजीविका के अवसर में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस अभियान से देश के करीब एक तिहाई प्रवासी मजदूरों को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान में छह राज्यों को 27 जिलों को आकांक्षी जिले के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने-अपने जिलों को लौट चुके मजदूों के कौशल का मानचित्रण कर लिया गया है और उनकी कार्यकुशलता के आधार पर काम का बंटवारा किया जाएगा।।