जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा देती है गीता : दुष्यंत चौटाला

सिरसा (कृष्ण तिवाड़ी) - उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गीता एक ऐसा पावन ग्रंथ है जिसकी नींव हरियाणा की पावन धरा पर रखी गई है। उन्होंने कहा कि जब हम भगवान श्री कृष्ण की बात करते हैं तो गीता की बात अपने आप जा जाती है। हमें गीता को अपने जीवन में प्रेरणा के साथ उतारने का काम करना चाहिए। जिनता ज्यादा इस ग्रंथ को हम समझते हैं उनती ही अधिक हमें खुशहाली व प्रगति मिलती है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा का मतलब ही हरी का आना है। उन्होंने कहा कि ज्ञान हमेशा बांटने से बढता है न की रखने से और गीता हमें जीवन में आगे बढने की प्रेरणा देती है। इस महोत्सव से हमें संकल्प लेना चाहिए कि इस पावन ग्रंथ को जीवन में उतारने का काम करें। उपमुख्यमंत्री रविवार को जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के अंतिम दिन स्थानीय चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में मुख्यअतिथि के रुप में शिरकत करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ करने उपरांत उपस्थितगण को संबोधित करते हुए कही। इससे पूर्व मुख्यअतिथि ने रिबन काट का विभिन्न विभागों व सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन तथा बारीकी से अवलोकन किया। इसके उपरांत मुख्यअतिथि ने दीप प्रज्जवलित कर जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग, पूर्व विधायक कृष्ण कंबोज, जजपा शहरी प्रधान रोहित गनेरीवाला, विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित थे। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गीता विश्व में सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला ग्रंथ है, किंतु गीता को गहराई से समझने की आवश्यकता है। गीता हमें शास्त्र और शस्त्र का मर्यादित तथा अनुशासित प्रयोग सिखाती है।